छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर गायब और प्रदेश के नक्शे में त्रुटि का आरोप, राज्योत्सव की तैयारियों पर विकास उपाध्याय ने भाजपा सरकार को घेरा
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 की तैयारियों को लेकर पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर को स्थान नहीं दिया गया और प्रदेश के नक्शे को भी गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उपाध्याय ने इसे छत्तीसगढ़ की संस्कृति, अस्मिता और स्वाभिमान की उपेक्षा बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है। साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर को सम्मानजनक स्थान देने और नक्शे में कथित त्रुटियों को तत्काल सुधारने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले राज्योत्सव की तैयारियों को लेकर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। पूर्व संसदीय सचिव एवं रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने राज्योत्सव की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर छत्तीसगढ़ की संस्कृति, पहचान और स्वाभिमान की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि राज्योत्सव की तैयारियों में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर को उचित स्थान नहीं दिया गया है और प्रदेश के नक्शे को भी सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया गया है।
विकास उपाध्याय ने 31 अक्टूबर को जारी बयान में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्योत्सव केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक पहचान और जनता की भावनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है। ऐसे आयोजन में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर और प्रदेश के नक्शे जैसे प्रतीकों का विशेष महत्व होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य की पहचान से जुड़े प्रतीकों को ही उचित सम्मान नहीं दिया जाएगा, तो राज्योत्सव मनाने का वास्तविक उद्देश्य कैसे पूरा होगा?
पूर्व विधायक ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार राज्योत्सव के नाम पर केवल दिखावा कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति, परंपराओं और स्वाभिमान से जुड़े विषयों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, लेकिन मौजूदा तैयारियों में इनकी उपेक्षा दिखाई दे रही है। उपाध्याय के अनुसार, राज्योत्सव में प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को प्रमुखता से प्रदर्शित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
विकास उपाध्याय ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और जनभावनाओं का महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। उनका सम्मान किसी एक राजनीतिक दल या संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे प्रदेश की भावनाओं से जुड़ा विषय है। उन्होंने सवाल किया कि जिस आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की स्थापना और उसकी उपलब्धियों का उत्सव मनाना है, उसमें छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर को सम्मानजनक स्थान क्यों नहीं दिया गया?
प्रदेश के नक्शे को लेकर भी विकास उपाध्याय ने आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्योत्सव की तैयारियों में छत्तीसगढ़ के नक्शे को सही ढंग से प्रस्तुत नहीं किया गया है। उन्होंने मांग की कि संबंधित विभाग इस मामले की तत्काल समीक्षा करे और यदि नक्शे में कोई त्रुटि है, तो उसे आयोजन से पहले सुधारा जाए। हालांकि, जारी बयान में नक्शे की कथित त्रुटियों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
पूर्व विधायक ने राज्य सरकार से इस पूरे मामले में स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं, ऐतिहासिक उपलब्धियों और पहचान से जुड़े प्रतीकों को उचित स्थान मिलना चाहिए। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार से प्रदेशवासियों की भावनाएं आहत न हों।
विकास उपाध्याय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्योत्सव प्रदेश के लगभग तीन करोड़ नागरिकों के स्वाभिमान और पहचान का उत्सव है। इसलिए इस आयोजन में छत्तीसगढ़ महतारी के सम्मान और प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।