डेली नीड्स की आड़ में चिकन-मछली की बिक्री का आरोप, खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में डेली नीड्स दुकानों की आड़ में कथित रूप से चिकन और मछली की बिक्री किए जाने की चर्चा सामने आई है। स्थानीय लोगों ने दुकानों में खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, मांस-मछली के रखरखाव और जरूरी अनुमति को लेकर जांच की मांग उठाई है। साथ ही खाद्य विभाग के निरीक्षण तंत्र पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। हालांकि कथित लेन-देन या प्रभाव के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
UNITED NEWS OF ASIA. अशोक मिश्रा, तिल्दा-नेवरा। डेली नीड्स दुकान के नाम पर कथित रूप से चिकन और मछली की बिक्री किए जाने का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ दुकानों का संचालन रोजमर्रा की जरूरतों का सामान, चाय-बिस्किट और अन्य सामान्य खाद्य सामग्री बेचने के नाम पर किया जा रहा है, लेकिन इनके भीतर चिकन और मछली की बिक्री भी कथित तौर पर की जा रही है। इसको लेकर अब खाद्य सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित विभाग की निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार यदि किसी दुकान में मांस और मछली जैसे खाद्य पदार्थों की बिक्री की जा रही है, तो उनके रखरखाव, स्वच्छता, बिक्री की स्थिति और अपशिष्ट निपटान जैसे पहलुओं की जांच जरूरी है। खासतौर पर चिकन और मछली जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के लिए स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि संबंधित दुकानों में खाद्य सुरक्षा से जुड़े आवश्यक नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
लोगों का यह भी सवाल है कि डेली नीड्स के नाम से संचालित दुकानों में यदि वास्तव में चिकन-मछली की बिक्री हो रही है, तो क्या संबंधित कारोबार के लिए आवश्यक पंजीयन, लाइसेंस अथवा अन्य अनुमति मौजूद है? इसके अलावा दुकान में मांस-मछली के रखरखाव की व्यवस्था, साफ-सफाई, कचरे और अपशिष्ट के निपटान तथा ग्राहकों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की भी जांच किए जाने की मांग उठ रही है।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल खाद्य विभाग के निरीक्षण तंत्र को लेकर सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस तरह का कारोबार लंबे समय से संचालित होने की चर्चा है, तो विभाग की टीम ने अब तक मौके का निरीक्षण किया है या नहीं, यह स्पष्ट होना चाहिए। यदि निरीक्षण किया गया है तो जांच में क्या सामने आया और यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक किए जाने की मांग की जा रही है।
इसी बीच क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि कहीं प्रभाव या कथित लेन-देन के कारण ऐसे कारोबार पर कार्रवाई नहीं हो रही है। हालांकि रिश्वत या चंदा लेने से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन आरोपों को लेकर भी निष्पक्ष जांच जरूरी है। बिना जांच के किसी अधिकारी या व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
अब लोगों की नजर खाद्य विभाग की अगली कार्रवाई पर है। यदि डेली नीड्स की आड़ में चिकन और मछली का कारोबार नियमों के विपरीत संचालित पाया जाता है, तो संबंधित दुकान संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं यदि कारोबार सभी आवश्यक नियमों और अनुमतियों के तहत संचालित हो रहा है, तो विभाग द्वारा स्थिति स्पष्ट किए जाने से भी कई सवालों का जवाब मिल सकता है। फिलहाल तिल्दा-नेवरा में डेली नीड्स दुकानों में कथित मांस-मछली बिक्री का मुद्दा जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण की मांग कर रहा है।