अमरवाड़ा कॉलेज में एचआईवी/एड्स जागरूकता कार्यक्रम, युवाओं को दी बचाव और रोकथाम की जानकारी
शासकीय स्नातक महाविद्यालय अमरवाड़ा में राष्ट्रीय सेवा योजना और युवा रेड क्रॉस इकाई के संयुक्त तत्वावधान में एचआईवी/एड्स सघन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को एचआईवी संक्रमण के कारणों, बचाव, जांच, उपचार और समाज में फैली भ्रांतियों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने जागरूकता फैलाने और संक्रमित लोगों के प्रति भेदभाव रहित व्यवहार अपनाने का संकल्प लिया।
UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञ राज पटेल, छिंदवाड़ा l शासकीय स्नातक महाविद्यालय अमरवाड़ा में युवाओं को स्वास्थ्य संबंधी विषयों और सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एचआईवी/एड्स सघन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) एवं युवा रेड क्रॉस इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें महाविद्यालय के विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।
कार्यक्रम की रूपरेखा राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी एवं रेड क्रॉस प्रभारी डॉ. विजय गुर्वे ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता के रूप में जिला नोडल अधिकारी डॉ. केशव झारिया तथा एचआईवी एड्स काउंसलर रविकांत बागड़े उपस्थित रहे। महाविद्यालय परिवार, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी और रेड क्रॉस प्रभारी डॉ. विजय गुर्वे ने अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला नोडल अधिकारी डॉ. केशव झारिया ने एचआईवी/एड्स से जुड़े वैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय पहलुओं की जानकारी विद्यार्थियों को दी। उन्होंने कहा कि एचआईवी से बचाव के लिए सही जानकारी और सुरक्षित व्यवहार बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने संक्रमण फैलने के प्रमुख कारणों, संभावित लक्षणों तथा संक्रमण से बचने के सुरक्षित उपायों के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही युवाओं से अपील की कि वे कार्यक्रम में मिली महत्वपूर्ण जानकारी को अपने तक सीमित न रखें और परिवार तथा समाज के अन्य लोगों तक भी पहुंचाएं।
एचआईवी एड्स काउंसलर रविकांत बागड़े ने एचआईवी को लेकर समाज में मौजूद भ्रांतियों और भेदभाव की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को स्पष्ट किया कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ सामान्य सामाजिक संपर्क, जैसे साथ बैठना, हाथ मिलाना, गले मिलना या साथ भोजन करना, संक्रमण फैलने का कारण नहीं है। उन्होंने सुरक्षित जीवनशैली अपनाने, समय पर परामर्श लेने और आवश्यकता पड़ने पर जांच कराने के महत्व को समझाया।
रविकांत बागड़े ने विद्यार्थियों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध एचआईवी जांच एवं उपचार संबंधी सुविधाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने ICTC और ART केंद्रों की भूमिका के बारे में बताते हुए कहा कि सही समय पर जांच, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार से एचआईवी से संबंधित स्वास्थ्य प्रबंधन को बेहतर बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने का अवसर भी मिला। छात्र-छात्राओं ने एचआईवी/एड्स से संबंधित अपनी जिज्ञासाएं और सवाल विशेषज्ञों के सामने रखे, जिनका समाधान तथ्यात्मक जानकारी के आधार पर किया गया। इस संवाद का उद्देश्य युवाओं के बीच मौजूद भ्रम और गलत धारणाओं को दूर करना रहा।
राष्ट्रीय सेवा योजना एवं युवा रेड क्रॉस इकाई के स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं प्राध्यापकों ने एचआईवी/एड्स के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने तथा संक्रमित व्यक्तियों के साथ सकारात्मक और भेदभाव रहित व्यवहार अपनाने का संकल्प लिया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. एन. झारिया ने कार्यक्रम की सफलता पर आयोजकों और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।