राज्यपाल रमेन डेका से महाराजा कमल चंद्र भंज देव ने की भेंट, बस्तर दशहरा में शामिल होने दिया आमंत्रण

बस्तर राज परिवार के माटी पुजारी एवं रथपति महाराजा कमल चंद्र भंज देव ने रायपुर स्थित लोक भवन में राज्यपाल रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल को बस्तर दशहरा के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल होने का निमंत्रण दिया। राज्यपाल ने बस्तर दशहरा को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक बताया।

Oct 7, 2026 - 08:16
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राज्यपाल रमेन डेका से महाराजा कमल चंद्र भंज देव ने की भेंट, बस्तर दशहरा में शामिल होने दिया आमंत्रण

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राज्यपाल रमेन डेका से मंगलवार को लोक भवन में बस्तर राज परिवार के माटी पुजारी एवं रथपति महाराजा कमल चंद्र भंज देव ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान बस्तर की ऐतिहासिक और विशिष्ट सांस्कृतिक परंपराओं को लेकर चर्चा हुई। महाराजा कमल चंद्र भंज देव ने राज्यपाल को बस्तर के प्रसिद्ध दशहरा उत्सव के प्रमुख आयोजनों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

भेंट के दौरान महाराजा कमल चंद्र भंज देव ने राज्यपाल को बस्तर दशहरा उत्सव के अंतर्गत आयोजित होने वाले महाराजा नवाखाई एवं महाराजा बाहर रहनी कार्यक्रमों में शामिल होने का निमंत्रण दिया। उन्होंने बस्तर दशहरा की धार्मिक मान्यताओं, पारंपरिक रीति-रिवाजों और विभिन्न आयोजनों की जानकारी भी राज्यपाल को दी। उन्होंने बताया कि बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट परंपराओं और लोक आस्था के कारण देशभर में अलग पहचान रखता है।

बस्तर दशहरा छत्तीसगढ़ के प्रमुख सांस्कृतिक उत्सवों में शामिल है। इसकी परंपराएं बस्तर की सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक जीवनशैली से गहराई से जुड़ी हुई हैं। उत्सव के दौरान अलग-अलग धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिनमें बस्तर राज परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। दशहरा की कई परंपराएं लंबे समय से चली आ रही हैं और आज भी स्थानीय समुदाय इन्हें श्रद्धा एवं उत्साह के साथ निभाता है।

महाराजा कमल चंद्र भंज देव ने राज्यपाल को उत्सव से जुड़े विभिन्न आयोजनों और उनकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बस्तर दशहरा में राज्यपाल की उपस्थिति का आग्रह करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान मिलती है।

राज्यपाल रमेन डेका ने आमंत्रण के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और लोक आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसकी अनूठी परंपराएं प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। उन्होंने बस्तर की सांस्कृतिक परंपराओं और लोक उत्सवों के महत्व को भी रेखांकित किया।

राज्यपाल और महाराजा कमल चंद्र भंज देव के बीच हुई यह मुलाकात बस्तर की ऐतिहासिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बस्तर दशहरा न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह क्षेत्र की सामुदायिक एकजुटता, लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत का भी परिचायक है। उत्सव के प्रमुख कार्यक्रमों में राज्यपाल को आमंत्रित किए जाने से आयोजन की गरिमा और बढ़ने की उम्मीद है।