जामुल में 96 लाख की लागत से बनेगा कचरा प्रबंधन प्लांट, स्वच्छ भारत मिशन के तहत भूमिपूजन
नगर पालिका जामुल के वार्ड क्रमांक 17 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत करीब 96 लाख रुपये की लागत से कचरा प्रबंधन प्लांट स्थापित किया जाएगा। नगर पालिका अध्यक्ष ईश्वर सिंह ठाकुर ने बताया कि प्लांट में डोर-टू-डोर कलेक्शन से आने वाले सूखे और गीले कचरे का निष्पादन किया जाएगा। बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया था, जिसे स्वीकृति मिलने के बाद भूमिपूजन किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l जामुल नगर पालिका क्षेत्र में विकास और स्वच्छता से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाते हुए वार्ड क्रमांक 17 में कचरा प्रबंधन प्लांट स्थापित किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत करीब 96 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस संयंत्र का भूमिपूजन किया गया। प्लांट के निर्माण के बाद नगर पालिका क्षेत्र से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के माध्यम से एकत्रित किए जाने वाले सूखे और गीले कचरे के व्यवस्थित निष्पादन में मदद मिलेगी।
नगर पालिका अध्यक्ष ईश्वर सिंह ठाकुर ने बताया कि जामुल नगर पालिका क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को प्राथमिकता के साथ क्रियान्वित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कचरा प्रबंधन संयंत्र की स्थापना का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया था। शासन से करीब 96 लाख रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद अब इस महत्वपूर्ण परियोजना की शुरुआत की जा रही है।
ईश्वर सिंह ठाकुर ने कहा कि नए संयंत्र में नगर पालिका क्षेत्र के घरों से डोर-टू-डोर कलेक्शन के जरिए एकत्रित होने वाले सूखे और गीले कचरे के निष्पादन की व्यवस्था की जाएगी। इससे कचरे के प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि जामुल की आबादी लगातार बढ़ रही है और ऐसे में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कचरा प्रबंधन के लिए पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं विकसित करना जरूरी है।
नगर पालिका अध्यक्ष ने स्वच्छ भारत मिशन को केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी से चलने वाला अभियान बताया। उन्होंने कहा कि नगर को साफ-सुथरा और स्वच्छ बनाए रखने के लिए केवल नगर पालिका की व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता भी जरूरी है। उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि घरों से निकलने वाले कचरे को इधर-उधर फेंकने के बजाय स्वच्छता दीदी और स्वच्छता मित्रों को ही उपलब्ध कराएं।
उन्होंने विशेष रूप से लोगों से नालियों और सड़कों पर कचरा नहीं फेंकने की अपील की। उनके अनुसार, घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था में नागरिकों का सहयोग मिलने से कचरे का बेहतर प्रबंधन किया जा सकता है और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है।
कचरा प्रबंधन प्लांट की स्थापना को जामुल नगर के लिए स्वच्छता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संयंत्र के माध्यम से सूखे और गीले कचरे के प्रबंधन की व्यवस्था को बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा। इससे नगर में कचरे के अनियंत्रित निपटान को कम करने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
भूमिपूजन कार्यक्रम में पार्षद कविता विश्वाल, के राजू, उपअभियंता विनायक गर्ग, रामु देवांगन, बाली बर्मन, पीआईयू गौरव केशरवानी, तोरण साहू, सुपरवाइजर अनिता साहू, हेमिन साहू सहित स्वच्छता दीदी और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। भूमिपूजन का कार्य पंडित राजेश्वर शर्मा द्वारा संपन्न कराया गया।
नगर पालिका की ओर से बताया गया कि परियोजना का उद्देश्य जामुल में बढ़ती आबादी के अनुरूप कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करना है। नए संयंत्र के शुरू होने के बाद नगर से निकलने वाले कचरे के वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन की दिशा में सुविधा बढ़ने की उम्मीद है।