एक माह में 5500 से अधिक पर्यटकों ने निहारी सोंढूर डैम की खूबसूरती, सुविधाओं की कमी से मायूसी
धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक स्थित मेचका के सोंढूर डैम में एक माह में 5500 से अधिक पर्यटक पहुंचे। प्राकृतिक और धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं के बावजूद सड़क, नौकाविहार, ईको पार्क, प्रकाश व्यवस्था और सार्वजनिक शौचालय जैसी सुविधाओं की कमी को लेकर ग्रामीणों ने विकास की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के मेचका क्षेत्र में स्थित सोंढूर डैम अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के कारण पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। पिछले एक माह में यहां करीब 5500 से अधिक पर्यटकों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। हालांकि पर्यटन स्थल पर मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण कई पर्यटकों को मायूसी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों और पर्यटन समिति ने जिला प्रशासन से क्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों में तेजी लाने की मांग की है।
सोंढूर डैम के साथ मुचकुंद ऋषि पर्वत क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और स्थानीय पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां की पहाड़ियां, डैम और आसपास का प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करता है। बड़ी संख्या में लोग परिवार और दोस्तों के साथ यहां पहुंचते हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में पर्यटन का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों मोहन जालेश, गया सिंग माझी, सौरभ कुलदीप और सुदन मरई ने बताया कि मेचका थाना से मेचका पर्वत तक करीब तीन किलोमीटर सड़क की स्थिति खराब है। पर्यटकों को पर्यटन स्थल तक पहुंचने में परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण बेहतर तरीके से होने पर पर्यटकों के साथ स्थानीय ग्रामीणों और स्कूली छात्र-छात्राओं को भी आवागमन में सुविधा मिलेगी।
वहीं जोहन नेताम, संतोष ठाकुर और घनश्याम नेताम ने बताया कि डैम में नौकाविहार की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से पर्यटक इसका आनंद नहीं ले पाते। उनके अनुसार ईको पार्क में भी सौंदर्यीकरण और अन्य सुविधाओं की जरूरत है। पहाड़ी के नीचे स्थित होने के कारण क्षेत्र में जंगली जानवरों की मौजूदगी का भय भी बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रकाश व्यवस्था बढ़ाने और पार्क का विकास करने की मांग की है।
पर्यटकों के लिए सार्वजनिक शौचालय की कमी भी एक प्रमुख समस्या बताई गई। ग्रामीणों का कहना है कि खासकर महिला पर्यटकों को इस कारण परेशानी होती है। क्षेत्र में आवश्यक प्रसाधन सुविधाएं उपलब्ध होने से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
चंद्रहास वैष्णव, रोहित साहू, इंद्र कुमार, शिवशंकर साहू और लिलंबर माझी ने बताया कि मेचका गांव की कच्ची सड़कों और तालाब के आसपास सौंदर्यीकरण की कमी पर पर्यटक भी चर्चा करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की गलियों में सीसी सड़क, तालाब का सौंदर्यीकरण और बेहतर प्रकाश व्यवस्था होने से मेचका को एक विकसित पर्यटन ग्राम के रूप में तैयार किया जा सकता है।
सोंढूर डैम और मुचकुंद ऋषि पहाड़ी के नीचे 40 फीट ऊंची भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा भी पर्यटकों के लिए आस्था का केंद्र बनी हुई है। हितेश महेश सिन्हा फाउंडेशन द्वारा स्थापित इस प्रतिमा के आसपास धार्मिक गतिविधियां भी आयोजित होती रही हैं। डैम, प्राकृतिक सौंदर्य, मुचकुंद ऋषि आश्रम और भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा पर्यटकों को धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन का अनुभव प्रदान करती है।
ग्राम पंचायत मेचका के सरपंच जीवन लाल नाग ने बताया कि जिला प्रशासन ने क्षेत्र का दौरा कर पर्यटन विकास की रूपरेखा तैयार करने और मुचकुंद ऋषि पर्यटक समिति के माध्यम से विकास कार्य कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्षेत्र की कमियों को जल्द दूर किया जाएगा।
समिति सदस्य घनश्याम ने कहा कि मुचकुंद ऋषि पहाड़ी और सोंढूर डैम की पहचान दूर-दूर तक है। यदि यहां जल्द नौकाविहार शुरू होता है तो पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ स्थानीय युवाओं और समिति के सदस्यों को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।
ग्रामीण जोहन नेताम ने कहा कि डैम के साथ गांव का विकास भी जरूरी है। उन्होंने सीसी सड़क, तालाब सौंदर्यीकरण और प्रकाश व्यवस्था की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं के विकास से मेचका क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को और गति मिल सकती है।