सेवा संकल्प अभियान में रक्तदान महाकुंभ, 1000 से अधिक महिलाओं ने किया रक्तदान, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

रायपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयुर्वेद सेवा सम्मेलन, रक्तदान महाकुंभ और स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रक्तदान, देहदान और अंगदान को मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। कार्यक्रम में 1000 से अधिक महिलाओं के रक्तदान की पहल गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुई। वहीं 31 लोगों ने प्रोजेक्ट दधीचि के तहत देहदान का संकल्प लिया।

Sep 24, 2026 - 10:19
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सेवा संकल्प अभियान में रक्तदान महाकुंभ, 1000 से अधिक महिलाओं ने किया रक्तदान, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन, रक्तदान महाकुंभ एवं वृहद स्वास्थ्य जांच शिविर में सेवा और जनभागीदारी का संदेश दिया गया। सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। उन्होंने राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं देते हुए रक्तदान, देहदान और अंगदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्तदान मानवता की बड़ी सेवाओं में से एक है। रक्तदाता द्वारा दिया गया रक्त जरूरतमंद मरीज के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से प्रदेश में जनसेवा और जनकल्याण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। अभियान में रक्तदान के साथ जरूरतमंद बच्चों के लिए पुस्तक, खिलौने और स्टेशनरी एकत्र करने जैसी पहल भी शामिल है।

रक्तदान महाकुंभ में 3600 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान के लिए पंजीयन कराया था। आयोजन में रक्तदान के लिए 200 बेड की व्यवस्था की गई थी। एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं के रक्तदान की पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस उपलब्धि का प्रमाणपत्र और मेडल भी प्रदान किया गया। आयोजन में लगभग 2500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्तदान का महत्व केवल किसी रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। रक्त की प्रत्येक यूनिट किसी जरूरतमंद के लिए जीवन की नई उम्मीद बन सकती है। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी को सेवा भावना का उदाहरण बताया।

कार्यक्रम में प्रोजेक्ट दधीचि के अंतर्गत 31 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया। इनमें पद्मश्री एवं धरसींवा विधायक अनुज शर्मा भी शामिल रहे। कार्यक्रम में बताया गया कि प्रोजेक्ट दधीचि के तहत अब तक 103 लोग देहदान का संकल्प ले चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहदान चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए उपयोगी है, जबकि अंगदान जरूरतमंद लोगों के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है।

राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने आयुर्वेद को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के साथ आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार भी किया जा रहा है। राज्य में नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के साथ आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा की सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं। चार नए योग एवं नेचुरोपैथी अस्पताल विकसित किए जा रहे हैं। रायपुर में 100 बिस्तरीय आयुर्वेदिक अस्पताल तैयार किया जा रहा है, जबकि बिलासपुर में नए आयुर्वेदिक अस्पताल का निर्माण जारी है।

कार्यक्रम स्थल पर पुस्तक, खिलौने और स्टेशनरी कलेक्शन के लिए अलग-अलग केंद्र बनाए गए थे। मुख्यमंत्री ने सेवा संकल्प अभियान की गतिविधियों और आयुर्वेद से जुड़े स्टॉलों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, अनुज शर्मा और प्रबोध मिंज सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।