दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना ही सेवा का उद्देश्य: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

कवर्धा के पीजी कॉलेज डोम में निःशुल्क विशाल दिव्यांग उपकरण वितरण शिविर का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया। 23 से 26 सितंबर तक चलने वाले शिविर में करीब एक हजार दिव्यांगजनों का पंजीयन हुआ है। जयपुर से आई विशेषज्ञ टीम जरूरत के अनुसार मौके पर ही कृत्रिम अंग तैयार कर उनकी फिटिंग कर रही है।

Sep 24, 2026 - 10:13
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दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना ही सेवा का उद्देश्य: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम जिले के पीजी कॉलेज डोम कवर्धा में बुधवार को निःशुल्क विशाल दिव्यांग उपकरण वितरण शिविर का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया। भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर, सकल जैन समाज, भारतीय जैन संगटना और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस शिविर में करीब एक हजार दिव्यांगजनों का पंजीयन हुआ है। शिविर में जरूरत के अनुसार कृत्रिम हाथ-पैर, कैलिपर्स, ट्राइसाइकिल सहित विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

शिविर में कई ऐसे दृश्य सामने आए, जहां कृत्रिम अंग मिलने के बाद दिव्यांगजनों में आत्मविश्वास देखने को मिला। एक हितग्राही ने कृत्रिम पैर की सहायता से बाइक चलाकर दिखाई, जबकि एक अन्य दिव्यांगजन ने कृत्रिम हाथ से पानी का गिलास उठाकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिव्यांगजनों से मुलाकात कर उन्हें कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण प्रदान किए। उन्होंने कहा कि यह शिविर केवल उपकरण वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि उपकरण मिलने के बाद व्यक्ति के दैनिक जीवन में आने वाला बदलाव और उसके आत्मविश्वास में होने वाली वृद्धि अधिक महत्वपूर्ण है।

विजय शर्मा ने कहा कि जैन समाज सेवा कार्यों में लगातार सक्रिय रहा है। उन्होंने भारतीय जैन संगठन, भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, सकल जैन समाज और एनएसई फाउंडेशन के सहयोग की सराहना की। उन्होंने राजस्थान से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा मौके पर ही कृत्रिम अंग तैयार करने और उनकी फिटिंग की प्रक्रिया का भी अवलोकन किया।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी तरह के शिविर जगदलपुर और दंतेवाड़ा में भी आयोजित किए जाएंगे। बस्तर क्षेत्र में आईईडी विस्फोटों के कारण दिव्यांग हुए लोगों को चिन्हांकित कर उन्हें कृत्रिम हाथ-पैर उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से ऐसे लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि जरूरतमंदों तक सेवा पहुंचाई जा सके।

दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने कहा कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सहायक उपकरणों के साथ कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों से जोड़ना भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि रायपुर में दिव्यांगजनों के लिए कौशल विकास केंद्र तैयार किया जा रहा है, जहां विभिन्न ट्रेड के साथ डिजिटल मार्केटिंग और वित्तीय प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के लिए दिव्यांगजनों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था है और पात्र हितग्राहियों को ऋण पर अनुदान भी दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और स्वाभिमान के साथ परिवार एवं समाज में योगदान देने में सक्षम बनाना है।

शिविर में राजस्थान से आई विशेषज्ञ टीम हितग्राहियों की शारीरिक आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम अंग तैयार कर उनका परीक्षण और फिटिंग कर रही है। शिविर में श्रवण, दृष्टि और अस्थि बाधित दिव्यांगजनों सहित विभिन्न श्रेणियों के हितग्राहियों ने पंजीयन कराया है।

चार दिवसीय यह शिविर 23 से 26 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान पंजीकृत दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।