एसबीआई लाइफ ने छत्तीसगढ़ में शुरू किया ‘बीमा की बात’ अभियान, 33 जिलों में बढ़ेगी बीमा जागरूकता

एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने छत्तीसगढ़ में ‘बीमा की बात’ अभियान की शुरुआत की है। रायपुर से रवाना की गई जागरूकता कैंटर वैन राज्य के सभी 33 जिलों में पहुंचकर लोगों को जीवन बीमा और वित्तीय सुरक्षा के महत्व की जानकारी देगी। यह पहल आईआरडीएआई के ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ विजन के अनुरूप शुरू की गई है।

Oct 29, 2026 - 12:52
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एसबीआई लाइफ ने छत्तीसगढ़ में शुरू किया ‘बीमा की बात’ अभियान, 33 जिलों में बढ़ेगी बीमा जागरूकता

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में जीवन बीमा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को वित्तीय सुरक्षा के महत्व से परिचित कराने के उद्देश्य से एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने ‘बीमा की बात’ अभियान की शुरुआत की है। 29 अक्टूबर 2026 को रायपुर से विशेष जागरूकता कैंटर वैन को रवाना किया गया। यह वैन छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में पहुंचकर लोगों को जीवन बीमा से जुड़ी जानकारी देगी। यह पहल भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) के ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ विजन के अनुरूप शुरू की गई है।

एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस को आईआरडीएआई की राज्य बीमा योजना के तहत छत्तीसगढ़ में जीवन बीमा के लिए लीड इंश्योरर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी भूमिका के तहत कंपनी राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों तक पहुंचने और उन्हें जीवन बीमा के लाभों के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रही है। अभियान का उद्देश्य नागरिकों को वित्तीय सुरक्षा से जुड़े सही फैसले लेने में मदद करना और परिवार के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए जीवन बीमा की उपयोगिता समझाना है।

अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग के विशेष सचिव ऋषभ कुमार परासर, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के वेस्ट जोन के जोनल डायरेक्टर राजीव श्रीवास्तव, वित्त विभाग के एडिशनल डायरेक्टर अंकित मोदी और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के भोपाल के रीजनल डायरेक्टर अमित कुमार साहा सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।

‘बीमा की बात’ कैंटर वैन के माध्यम से लोगों को ऑडियो-विजुअल सामग्री के जरिए जीवन बीमा की जानकारी दी जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वैन में एलईडी के माध्यम से जागरूकता संबंधी सामग्री प्रदर्शित की जाएगी। इसमें स्थानीय छत्तीसगढ़ी भाषा का उपयोग कर लोगों तक जानकारी को सरल और सहज तरीके से पहुंचाने की योजना है। इससे अलग-अलग क्षेत्रों के नागरिकों को अपनी जरूरतों के अनुरूप बीमा संबंधी जानकारी समझने में मदद मिल सकती है।

जीवन बीमा केवल बचत का साधन नहीं, बल्कि परिवार को आर्थिक अनिश्चितताओं से सुरक्षा देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों तक बीमा की सही जानकारी नहीं पहुंच पाती। ऐसे में स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान लोगों को बीमा के विकल्पों, उसके महत्व और वित्तीय नियोजन के प्रति जागरूक करने में उपयोगी भूमिका निभा सकते हैं।

आईआरडीएआई की वार्षिक रिपोर्ट 2024-25 का हवाला देते हुए जारी जानकारी में बताया गया है कि भारत में बीमा की पहुंच 3.7 प्रतिशत है, जबकि वैश्विक औसत 7.3 प्रतिशत है। ये आंकड़े देश में बीमा जागरूकता और सुरक्षा का दायरा बढ़ाने की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।

एसबीआई लाइफ का ‘बीमा की बात’ अभियान इसी दिशा में एक प्रयास है। छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में कैंटर वैन के पहुंचने से अधिक लोगों तक जीवन बीमा और वित्तीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारी पहुंचाने का लक्ष्य है। कंपनी की यह पहल ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ के उद्देश्य को आगे बढ़ाने और नागरिकों को अपने परिवार के आर्थिक भविष्य के प्रति जागरूक करने पर केंद्रित है।