NMDC की CSR पहल से 12 ग्राम पंचायतों के 1,269 विद्यार्थियों को मिली शैक्षिक सहायता, 48 स्कूलों में बांटे गए बैग-जूते और मोजे
एनएमडीसी लिमिटेड के बचेली कॉम्प्लेक्स ने सीएसआर पहल के तहत बस्तर क्षेत्र की 12 ग्राम पंचायतों के 48 विद्यालयों में पढ़ने वाले 1,269 विद्यार्थियों को स्कूल बैग, जूते और मोजे वितरित किए। इस पहल का उद्देश्य जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को शैक्षिक सहायता प्रदान करना, स्कूल में नियमित उपस्थिति के लिए प्रोत्साहित करना और शिक्षा के प्रति उनकी भागीदारी को मजबूत बनाना है।
UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l जनजातीय समुदायों के कल्याण और शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एनएमडीसी लिमिटेड के बचेली कॉम्प्लेक्स ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत महत्वपूर्ण शैक्षिक सहायता कार्यक्रम पूरा किया है। इस पहल से बचेली परियोजना के आसपास की 12 ग्राम पंचायतों के 48 विद्यालयों में अध्ययनरत 1,269 विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूली बच्चों को स्कूल बैग, जूते और मोजे वितरित किए गए।
12 ग्राम पंचायतों के 48 विद्यालयों तक पहुंची पहल
एनएमडीसी की इस पहल में बैंगपाल, पाढ़ापुर, बड़े बचेली, दुगेली, मोलासनार, मसेनार, गंजेनार, धुरली, नेरली, भांसी, गमावाड़ा और बड़े कमेली ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया। इन पंचायतों के 48 विद्यालयों के कुल 1,269 विद्यार्थियों को शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराई गई।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की स्कूली जरूरतों को पूरा करना और उन्हें शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना है। स्कूल बैग, जूते और मोजे मिलने से विद्यार्थियों को दैनिक स्कूली गतिविधियों में सुविधा मिलेगी।
शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम : श्रीधर कोडाली
इस पहल पर एनएमडीसी बचेली के परियोजना प्रमुख श्रीधर कोडाली ने कहा कि किसी भी संगठन की प्रगति उसके कार्यक्षेत्र के आसपास रहने वाले समुदायों के विकास और कल्याण के साथ जुड़ी होनी चाहिए। शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम है और बच्चों को जमीनी स्तर पर सहयोग देना बस्तर के भविष्य में निवेश करने जैसा है।
उन्होंने कहा कि एनएमडीसी अपनी निरंतर सीएसआर पहलों के माध्यम से जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाने, शैक्षिक अवसरों को मजबूत करने और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
नियमित स्कूल उपस्थिति को मिलेगा प्रोत्साहन
एनएमडीसी ने बच्चों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह सहायता कार्यक्रम संचालित किया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को जरूरी शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराने के साथ उनमें आत्मविश्वास और सहजता बढ़ाना तथा नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम का क्रियान्वयन उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) के. लक्ष्मी नागवेणी तथा उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) एवं प्रमुख, सीएसआर जोसी थॉमस के मार्गदर्शन में किया गया।
शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर भी फोकस
एनएमडीसी बचेली परियोजना के आसपास के गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, ग्रामीण आधारभूत संरचना, पेयजल और सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में लगातार सीएसआर गतिविधियां संचालित कर रहा है। कंपनी का उद्देश्य औद्योगिक विकास के साथ स्थानीय एवं जनजातीय समुदायों को सामाजिक और आर्थिक रूप से लाभान्वित करना है।
12 ग्राम पंचायतों के 1,269 विद्यार्थियों तक शैक्षिक सहायता पहुंचाना बस्तर के लोगों के साथ एनएमडीसी के जुड़ाव को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी का मानना है कि प्रगति का वास्तविक मूल्यांकन केवल औद्योगिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि समुदायों के जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलावों से भी होता है।