सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता का संदेश, गांव-गांव पहुंच रहे स्वच्छाग्रही
कवर्धा जिले में सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता गतिविधियां लगातार जारी हैं। “1 दिन 1 साथ 1 घंटा” थीम पर जिले की सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता अभियान चलाया गया। स्वच्छाग्रही और स्वच्छता दीदियां घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों को गीले और सूखे कचरे को अलग रखने, नियमित कचरा संग्रहण और खुले में कचरा नहीं फेंकने के लिए जागरूक कर रहे हैं। साथ ही कचरा संग्रहण से गांवों को होने वाले लाभ और स्वरोजगार की संभावनाओं की जानकारी भी दी जा रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l सेवा संकल्प अभियान के दौरान जिले में स्वच्छता को लेकर लगातार जनजागरूकता और स्वच्छता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कलेक्टर तुलिका के निर्देशानुसार जिले की सभी ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक स्थानों, जल स्रोतों, मंदिरों, चौक-चौराहों सहित अन्य प्रमुख स्थानों की साफ-सफाई के लिए जनभागीदारी से अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत “सेवा मेरा योगदान” थीम पर “1 दिन 1 साथ 1 घंटा” स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन जिले की सभी ग्राम पंचायतों में किया गया।
अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को लेकर लोगों की भागीदारी बढ़ाने के साथ स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के लिए स्थायी आदतों को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को घरों से निकलने वाले कचरे का उचित प्रबंधन करने और कचरे को खुले में नहीं फेंकने के लिए जागरूक किया गया। स्वच्छाग्रहियों ने लोगों को नियमित कचरा संग्रहण की व्यवस्था से जुड़ने और अपने घर का कचरा निर्धारित कचरा गाड़ी में ही देने के लिए प्रेरित किया।
जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि जिले की ग्राम पंचायत जेवडन कला, चिल्फी, खारा, तीतरी, मोहगांव, लिमो और पनेका सहित अनेक पंचायतों में स्वच्छाग्रही घर-घर जाकर ग्रामीणों को कचरा पृथक्करण और नियमित कचरा संग्रहण के लिए जागरूक कर रहे हैं। ग्रामीणों को विशेष रूप से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही खुले स्थानों पर कचरा फेंकने से होने वाले नुकसान के बारे में भी समझाया जा रहा है।
स्वच्छाग्रहियों द्वारा ग्रामीणों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने और प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने की दिशा में सहयोग करने की अपील की जा रही है। इसके लिए बाजार और दैनिक जरूरतों में कपड़े के थैले का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से स्वच्छता को केवल सफाई अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे ग्रामीणों की दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
स्वच्छता अभियान के दौरान व्यक्तिगत और सामुदायिक शौचालयों के नियमित उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों को व्यक्तिगत शौचालयों का नियमित उपयोग करने तथा सामुदायिक शौचालयों की साफ-सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे गांवों में स्वच्छ वातावरण के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता दीदियों और स्वच्छाग्रहियों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। स्वच्छता से जुड़े कार्यों में ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने के साथ घर-घर कचरा संग्रहण को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। कचरा संग्रहण व्यवस्था से गांवों की स्वच्छता बनाए रखने के साथ स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
जिले में स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया गया है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से प्रशासन का फोकस जनभागीदारी के जरिए गांवों को स्वच्छ रखने और ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति स्थायी व्यवहार विकसित करने पर है। अभियान के दौरान दिया जा रहा संदेश है कि स्वच्छ गांव केवल प्रशासनिक प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक ग्रामीण की जिम्मेदारी और सहभागिता से ही संभव है।