कवर्धा में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, खुलकर अपनी बात रखने का दिया संदेश
कवर्धा में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस जागरूकता सप्ताह के तहत वृद्धाश्रम और भोरमदेव नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मानसिक तनाव, चिंता और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लक्षणों को समझने, समय पर परामर्श लेने और अपनी परेशानियां परिवार व भरोसेमंद लोगों के साथ साझा करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही नशे के शारीरिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों और टेली-मानस हेल्पलाइन की जानकारी दी गई।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत वृद्धाश्रम कवर्धा एवं भोरमदेव नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम “लिव्ड एक्सपीरियंसेज, हर्ड रियल वॉइसेज, रियल चेंज” पर आधारित कार्यक्रम का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ लोगों को अपने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग करना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुर्रे एवं सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. के.के. ध्रुव के मार्गदर्शन में किया गया। जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनुपमा तिवारी एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ. विनोद चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में वृद्धाश्रम में रहने वाले वृद्धजनों और नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के हितग्राहियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर चर्चा करते हुए मानसिक तनाव, चिंता और अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लक्षणों को समझने के बारे में जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को बताया गया कि मानसिक परेशानी को नजरअंदाज करने या छिपाने के बजाय समय रहते अपनी समस्या को समझना और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है। साथ ही परिवार के सदस्यों और भरोसेमंद लोगों के साथ अपनी भावनाएं एवं परेशानियां साझा करने के लिए भी प्रेरित किया गया।
नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में मौजूद हितग्राहियों को नशे और व्यसन से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। उन्हें नशे से दूर रहने और आवश्यकता पड़ने पर समय पर उपचार तथा परामर्श लेने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि नशे की समस्या से बाहर निकलने के लिए उचित उपचार, परामर्श और परिवार का सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मानसिक तनाव को कम करने के लिए दैनिक जीवन में सकारात्मक गतिविधियों को शामिल करने पर भी जोर दिया गया। लोगों को योग, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और संतुलित दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और समय पर सहायता प्राप्त करना व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी आपातकालीन परिस्थितियों के लिए टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 एवं 1800-89-14416 की जानकारी भी दी गई। उपस्थित लोगों को बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर इन माध्यमों के जरिए विशेषज्ञों से सहायता और परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। मानसिक परेशानियों को छिपाने के बजाय अपनी बात खुलकर साझा करना, समय पर सहायता लेना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से परामर्श करना मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जागरूकता कार्यक्रम के जरिए लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील होने और जरूरतमंद व्यक्ति का सहयोग करने के लिए भी प्रेरित किया गया।