कवर्धा में कानून व्यवस्था की समीक्षा, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के निर्देश
कवर्धा में कलेक्टर तुलिका प्रजापति और पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव ने राजस्व, पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ जिले की कानून व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में संवेदनशील गांव, कस्बे और अन्य स्थानों को चिन्हित कर सतत निगरानी और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ब्लैक एवं ग्रे स्पॉट की पहचान, सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण, राहवीर योजना के प्रचार और दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार एवं मुआवजा दिलाने की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l जिले में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को लेकर कलेक्टर तुलिका प्रजापति एवं पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में राजस्व, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों से जिले की वर्तमान कानून व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों और सुरक्षा से जुड़ी तैयारियों की जानकारी ली गई। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए किसी भी परिस्थिति में कानून व्यवस्था प्रभावित नहीं होने देने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने कहा कि कानून व्यवस्था की दृष्टि से जिले के संवेदनशील ग्राम, शहर, कस्बे और अन्य आवश्यक स्थानों को चिन्हित किया जाए। ऐसे स्थानों पर परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और स्थानीय स्तर पर आपसी समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र की स्थिति पर सतर्क नजर रखने तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक के दौरान पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों से क्षेत्रवार कानून व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली गई। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर नरेंद्र पैकरा, एडिशनल एसपी हेमसागर सिदार एवं अमित पटेल सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, डीएसपी, एसडीओपी, तहसीलदार, थाना प्रभारी तथा राजस्व, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने जिले में ब्लैक एवं ग्रे स्पॉट चिन्हित कर उनकी सूची तैयार करने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन स्थानों पर बार-बार सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, उनका विशेष रूप से चिन्हांकन किया जाए। ऐसे स्थानों पर दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर रोकथाम के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने संबंधित विभागों को मौके का निरीक्षण कर सड़क की स्थिति, यातायात व्यवस्था, संकेतक, प्रकाश व्यवस्था और दुर्घटना रोकने के लिए आवश्यक अन्य व्यवस्थाओं में सुधार करने को कहा। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
दुर्घटना के समय घायलों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए राहवीर योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि आम लोगों को सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद के लिए आगे आने के प्रति जागरूक और प्रेरित किया जाए। समय पर सहायता और उपचार मिलने से दुर्घटना में घायल व्यक्ति के जीवन को बचाने में मदद मिल सकती है।
कलेक्टर ने दुर्घटना की स्थिति में तत्काल एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल में दुर्घटना से संबंधित मामलों की जानकारी के लिए विशेष डेस्क और पंजीयन व्यवस्था विकसित करने को कहा गया, ताकि घायल व्यक्ति के अस्पताल पहुंचने के बाद उसकी जानकारी व्यवस्थित रूप से दर्ज हो सके और आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाई जा सके।
उन्होंने दुर्घटना से जुड़े मामलों में आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूरी करने तथा पात्र पीड़ितों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। बैठक में कानून व्यवस्था के साथ सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।