जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम से सरिता पटेल को मिली राहत, निःशुल्क जांच और सोनोग्राफी से सुरक्षित मातृत्व को मिला संबल
कबीरधाम जिले के विकासखंड बोड़ला अंतर्गत ग्राम मडमड़ा निवासी सरिता पटेल को जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत गर्भावस्था के दौरान निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और सोनोग्राफी की सुविधा मिली। शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से उन्हें निजी अस्पताल में जांच पर होने वाले खर्च से राहत मिली। आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श और देखभाल के बाद सरिता पटेल और उनका नवजात शिशु दोनों स्वस्थ हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l शासकीय स्वास्थ्य सेवाएं जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक राहत देने के साथ सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत कबीरधाम जिले के विकासखंड बोड़ला अंतर्गत ग्राम मडमड़ा निवासी सरिता पटेल को गर्भावस्था के दौरान निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और सोनोग्राफी की सुविधा मिली। इससे उन्हें निजी अस्पताल में जांच कराने पर होने वाले खर्च से राहत मिली। आवश्यक स्वास्थ्य जांच, परामर्श और देखभाल की सुविधा मिलने से उनकी गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली। वर्तमान में सरिता पटेल और उनका नवजात शिशु दोनों स्वस्थ हैं।
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन से मिली सुविधा
ग्राम मडमड़ा निवासी सरिता पटेल को गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच और सोनोग्राफी की आवश्यकता थी। निजी अस्पताल में जांच कराने पर होने वाला खर्च उनके परिवार के लिए चिंता का विषय बन रहा था। ऐसे में आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो रहा था। इसी दौरान गांव में पदस्थ स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने उन्हें शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध निःशुल्क सेवाओं की जानकारी दी। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन से सरिता पटेल ने जिला अस्पताल में गर्भावस्था संबंधी आवश्यक जांच और सोनोग्राफी कराई। इससे उन्हें समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलीं और परिवार को निजी अस्पताल में जांच कराने पर होने वाले खर्च से आर्थिक राहत प्राप्त हुई।
निःशुल्क जांच से सुरक्षित मातृत्व को मिला संबल
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत मिली स्वास्थ्य सुविधाओं से सरिता पटेल को गर्भावस्था के दौरान आवश्यक जांच, स्वास्थ्य परामर्श और सुरक्षित प्रसव के लिए मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इन सुविधाओं से परिवार की आर्थिक बचत हुई और मां तथा शिशु के स्वास्थ्य की देखभाल में सहायता मिली। गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इनके माध्यम से स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन करने और आवश्यकता पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय सहायता लेने में मदद मिलती है।
सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से परिवार को मिली आर्थिक राहत
सरिता पटेल ने बताया कि निजी अस्पताल में जांच कराने पर उन्हें काफी पैसे खर्च करने पड़ते। गांव के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने जिला अस्पताल में निःशुल्क जांच और सोनोग्राफी की सुविधा का लाभ लिया। इससे उनके परिवार के पैसों की बचत हुई और गर्भावस्था के दौरान जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध हुईं। उन्होंने इस सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम का उद्देश्य
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता करना है। शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी मिलने से पात्र हितग्राही समय पर जांच और उपचार का लाभ उठा सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे महिलाओं और उनके परिवारों को सरकारी योजनाओं तथा स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक करते हैं।
सरिता पटेल का अनुभव बताता है कि शासकीय स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी और समय पर उनका लाभ मिलने से गर्भावस्था के दौरान परिवार को आर्थिक राहत मिल सकती है। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम जैसी पहल सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की देखभाल में सहयोग प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।