अंतरराष्ट्रीय बधिर दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें रंगोली और पेंटिंग प्रतियोगिता प्रमुख रही। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और अपनी कल्पनाशीलता तथा कला कौशल का प्रदर्शन किया।
रंगोली प्रतियोगिता में कमलेश्वरी ने प्रथम और हिमांशी ने द्वितीय स्थान हासिल किया। वहीं पेंटिंग प्रतियोगिता में भावेन्द्र साहू ने प्रथम तथा सत्यजीत बंजारे ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
पुरस्कार प्राप्त करने के दौरान विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास दिखाई दिया। कलेक्टर द्वारा विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना किए जाने से उनका उत्साह और बढ़ा। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
पढ़ाई के साथ प्रतिभा को आगे बढ़ाने पर जोर
कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने विद्यार्थियों को पूरे मनोयोग से पढ़ाई करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में अपनी अलग प्रतिभा होती है। जरूरत इस बात की है कि उस प्रतिभा को पहचाना जाए और निरंतर मेहनत तथा आत्मविश्वास के साथ उसे आगे बढ़ाया जाए।
उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के साथ अपने लक्ष्य की दिशा में लगातार प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रशासन विद्यार्थियों की शिक्षा और आवश्यक सुविधाओं के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा।
इस दौरान उन्होंने विद्यालय की आवश्यकताओं के संबंध में भी जानकारी ली। विद्यार्थियों के हित से जुड़ी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई। कलेक्टर ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए यह भी कहा कि वह आगामी दिनों में दोबारा विद्यालय पहुंचकर उनसे मुलाकात करेंगी। इस आश्वासन से विद्यार्थियों और शिक्षकों में भी उत्साह देखने को मिला।
सम्मान और प्रोत्साहन से बढ़ा आत्मविश्वास
अंतरराष्ट्रीय बधिर दिवस का यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए केवल प्रतियोगिता और पुरस्कार तक सीमित नहीं रहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और उसे पहचान मिलने का अवसर मिला। रंगोली और पेंटिंग में विद्यार्थियों की रचनात्मकता ने उनकी प्रतिभा को सामने रखा।
कार्यक्रम के दौरान मिले प्रोत्साहन और सम्मान ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने का काम किया। आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि उचित अवसर और सहयोग मिलने पर विशेष बच्चे भी अपनी प्रतिभाओं को सामने लाकर विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं।