कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि अतिवृष्टि से किसी प्रकार की जनहानि, मकान क्षति, फसल क्षति या अन्य नुकसान की सूचना मिलने पर तत्काल नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रहकर स्थिति की जानकारी लेने और जरूरत के अनुसार राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
प्रभावितों को पात्रतानुसार आर्थिक सहायता
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के अनुसार पात्रतानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई प्राथमिकता से की जाए। इसके लिए राजस्व अमले को प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रखते हुए नुकसान का तत्काल आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का जोर इस बात पर है कि बारिश से प्रभावित लोगों को आवश्यक राहत और सहायता समय पर उपलब्ध हो सके। इसके लिए स्थानीय स्तर पर प्राप्त होने वाली नुकसान की सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा पर जोर
भारी बारिश के दौरान मकान क्षति और जर्जर भवनों को लेकर भी प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने मकान क्षति से प्रभावित अथवा जर्जर मकानों में निवास कर रहे परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए कहा है।
उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया है कि ऐसे परिवारों के लिए गांव में उपलब्ध किसी अन्य सुरक्षित भवन में अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आपात स्थिति में नियंत्रण कक्ष से करें संपर्क
जिला प्रशासन ने बारिश के दौरान आमजन से सतर्कता बरतने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने के लिए कहा गया है, ताकि जरूरत के अनुसार राहत और बचाव संबंधी कार्रवाई की जा सके।
कवर्धा जिला कार्यालय में बाढ़ एवं आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। आपात स्थिति या अतिवृष्टि से संबंधित सूचना देने के लिए नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 97559-03272 पर संपर्क किया जा सकता है।
जिला प्रशासन द्वारा राजस्व अधिकारियों और मैदानी अमले को प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखने तथा नुकसान की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य बारिश से उत्पन्न परिस्थितियों में प्रभावित लोगों को समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना और संवेदनशील परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।