गुण्डरदेही में भू-माफियाओं के हौसले बुलंद! कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग के आरोप, सड़क किनारे विद्युत पोल से हादसे का खतरा

बालोद जिले के गुण्डरदेही में कृषि भूमि पर कथित अवैध प्लाटिंग का मामला सामने आया है। नगर के विभिन्न क्षेत्रों में उपजाऊ जमीन पर मुरुम बिछाकर प्लाटिंग और निर्माण कार्य किए जाने के आरोप हैं। धमतरी रोड पर सड़क किनारे विद्युत पोल लगाने से दुर्घटना की आशंका जताई जा रही है। राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। एसडीएम टंकेश्वर साहू ने बिना अनुमति निर्माण पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है।

Oct 28, 2026 - 08:31
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गुण्डरदेही में भू-माफियाओं के हौसले बुलंद! कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग के आरोप, सड़क किनारे विद्युत पोल से हादसे का खतरा

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुण्डरदेही नगर में कृषि भूमि पर कथित अवैध प्लाटिंग का कारोबार तेजी से फैलने के आरोप सामने आए हैं। नगर की चारों दिशाओं में किसानों की उपजाऊ जमीन को आवासीय भूखंडों में बदलने की गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कृषि भूमि पर बिना आवश्यक अनुमति के लाल मुरुम बिछाकर सड़कें बनाई जा रही हैं और प्लाटिंग की तैयारी की जा रही है। इस पूरे मामले में राजस्व विभाग की निगरानी और विद्युत विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।

धमतरी रोड पर सड़क किनारे विद्युत पोल लगाने पर सवाल

गुण्डरदेही से धमतरी जाने वाले मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे भारी-भरकम विद्युत पोल लगाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, डामर सड़क से लगभग तीन फीट की दूरी पर विद्युत पोल लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि मुख्य मार्ग के किनारे सरकारी सड़क भूमि की निर्धारित सीमा अधिक है। ऐसे में पोल की स्थिति को लेकर संबंधित विभाग से जांच की मांग उठ रही है।

स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि सड़क के बेहद नजदीक विद्युत पोल होने से भविष्य में सड़क दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। विशेष रूप से भारी वाहनों के आवागमन के दौरान सुरक्षा संबंधी समस्या उत्पन्न होने की आशंका है। हालांकि, विद्युत पोल की स्थापना में नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि संबंधित विभाग की तकनीकी जांच और सड़क की वास्तविक सीमा के निर्धारण के बाद ही हो सकेगी।

खलारी नाला के पास कृषि भूमि में मिट्टी कटिंग के आरोप

गुण्डरदेही ब्लॉक मुख्यालय से लगे ग्राम खलारी की सीमा पर भी कृषि भूमि में कथित अवैध प्लाटिंग की तैयारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। खलारी नाला से सटी जमीन पर लगभग छह फीट गहराई तक काली मिट्टी की कटिंग किए जाने का दावा किया जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि गुण्डरदेही में नए व्यवहार न्यायालय भवन के निर्माण के बाद आसपास की कृषि भूमि की मांग बढ़ सकती है। इसी संभावना के चलते जमीन की खरीद-बिक्री और प्लाटिंग की गतिविधियां तेज होने की बात कही जा रही है। लोगों ने खलारी नाला और आसपास की भूमि का सीमांकन कराने की मांग उठाई है, ताकि जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

नगर के कई क्षेत्रों में प्लाटिंग गतिविधियों की शिकायत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसील कार्यालय से लगी लगभग तीन एकड़ कृषि भूमि पर मुरुम की परत बिछाए जाने की बात सामने आई है। वहीं, पुलिस थाने के सामने लगभग चार एकड़ क्षेत्र में सड़क निर्माण, विद्युतीकरण और मकान निर्माण की गतिविधियां होने का दावा किया गया है।

इसके अतिरिक्त पीडब्ल्यूडी कार्यालय के आसपास, राजनांदगांव रोड स्थित अर्जुन्दा चौक से आगे तथा गुण्डरदेही-दुर्ग मार्ग पर कचांदुर तक प्लाटिंग और निर्माण गतिविधियों को लेकर शिकायतें सामने आई हैं।

अंकित फ्यूल के सामने लगभग छह एकड़ भूमि पर करीब बीस लाख रुपये की काली मिट्टी कटिंग किए जाने की भी चर्चा है। हालांकि, इन सभी स्थानों पर भूमि उपयोग परिवर्तन, निर्माण अनुमति और संबंधित राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद ही गतिविधियों की वैधानिक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

स्थानीय स्तर पर आरोप लगाया जा रहा है कि बालोद जिला बनने के बाद से गुण्डरदेही क्षेत्र में कथित अवैध प्लाटिंग के मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि कृषि भूमि का बिना अनुमति व्यावसायिक उपयोग होने की स्थिति में राजस्व विभाग को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

मामले में संबंधित जमीनों का सीमांकन, भूमि उपयोग की अनुमति, सड़क निर्माण और विद्युत पोल की स्थापना से जुड़े दस्तावेजों की जांच की आवश्यकता जताई जा रही है।

एसडीएम टंकेश्वर साहू ने कही कार्रवाई की बात

इस संबंध में गुण्डरदेही के नवपदस्थ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व टंकेश्वर साहू ने कहा कि यदि कृषि भूमि पर बिना अनुमति निर्माण किया जा रहा है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अब देखना होगा कि प्रशासन शिकायतों की जांच के लिए क्या कदम उठाता है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि सड़क किनारे लगाए गए विद्युत पोल और विभिन्न स्थानों पर चल रही प्लाटिंग गतिविधियों की वैधानिक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित विभाग कब तक जांच करते हैं।