गरियाबंद में अवैध धान तस्करी पर कार्रवाई, तेतलखूंटी चेकपोस्ट पर 85 कट्टा धान से भरा 407 मेटाडोर पकड़ा गया
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में धान खरीदी शुरू होने से पहले अवैध धान तस्करी का मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा के तेतलखूंटी चेकपोस्ट पर 85 कट्टा धान से भरा 407 मेटाडोर वाहन पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। देवभोग पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध धान परिवहन पर शिकंजा कसने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे पहले पीटापारा सीमा पर राजस्व विभाग ने 40 बोरी धान से भरा पिकअप वाहन भी जब्त किया था।
UNITED NEWS OF ASIA. राधे पटेल, गरियाबंद l छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का समय नजदीक आते ही सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान परिवहन को लेकर हलचल बढ़ने लगी है। गरियाबंद जिले में छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा पर स्थित तेतलखूंटी चेकपोस्ट में 85 कट्टा धान से भरा 407 मेटाडोर वाहन पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। इस मामले ने सीमावर्ती क्षेत्रों में धान की अवैध आवाजाही और निगरानी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तेतलखूंटी चेकपोस्ट पर पकड़ा गया वाहन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेतलखूंटी चेकपोस्ट पर जांच के दौरान 85 कट्टा धान से भरा 407 मेटाडोर वाहन पकड़ा गया। यह चेकपोस्ट छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा के नजदीक स्थित है, जहां धान के परिवहन पर निगरानी महत्वपूर्ण मानी जाती है। मामले में देवभोग पुलिस की कार्रवाई सामने आई है।
हालांकि, वाहन में लदे धान की खरीद से संबंधित दस्तावेज, धान कहां से लाया जा रहा था और इसे कहां ले जाया जा रहा था, इन बिंदुओं पर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। जांच के बाद ही परिवहन की वैधता और पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
धान खरीदी से पहले सक्रिय हुए तस्कर?
धान खरीदी सीजन से पहले सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान परिवहन की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन और पुलिस के लिए चेकपोस्ट पर निगरानी तथा वाहनों की जांच अहम हो जाती है। गरियाबंद जिले में सामने आया यह मामला भी इसी संदर्भ में चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्थानीय स्तर पर इसे अवैध धान तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, धान की तस्करी होने और इसके पीछे शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच तथा आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही की जा सकेगी।
पीटापारा सीमा पर पहले भी जब्त हुआ था धान से भरा पिकअप
जानकारी के मुताबिक, इससे पहले पीटापारा सीमा क्षेत्र में राजस्व विभाग ने 40 बोरी धान से भरा एक पिकअप वाहन जब्त किया था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के कारण सीमावर्ती इलाकों में धान परिवहन की निगरानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
यदि धान का अवैध परिवहन पाया जाता है, तो इससे सरकारी धान खरीदी व्यवस्था और राजस्व पर असर पड़ने की आशंका रहती है। इसी वजह से सीमावर्ती चेकपोस्ट पर जांच और संदिग्ध वाहनों की पड़ताल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रशासन की निगरानी पर टिकी नजरें
गरियाबंद जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में धान के परिवहन पर निगरानी बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। तेतलखूंटी चेकपोस्ट पर 85 कट्टा धान से भरे वाहन के पकड़े जाने और पीटापारा सीमा पर पहले हुई कार्रवाई के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।
फिलहाल, इस मामले में वाहन, धान के स्रोत, परिवहन संबंधी दस्तावेजों और जिम्मेदार लोगों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। जांच के निष्कर्षों से ही स्पष्ट होगा कि इस मामले में नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।