दिल्ली में राहुल गांधी की महारैली का व्यापारियों ने किया विरोध, CTI ने रैली रद्द करने की अपील की

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की महारैली को लेकर व्यापारियों ने विरोध जताया है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी से दिवाली के व्यस्त कारोबारी सीजन को देखते हुए रैली रद्द करने की अपील की है। CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल का दावा है कि रैली से आसपास के बाजारों में व्यापार प्रभावित हो सकता है और लाखों लोगों की आजीविका पर असर पड़ सकता है। संगठन ने रामलीला मैदान के आसपास के 20 प्रमुख बाजारों में विरोध से जुड़े पोस्टर लगाने का ऐलान किया है।

Oct 31, 2026 - 12:12
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दिल्ली में राहुल गांधी की महारैली का व्यापारियों ने किया विरोध, CTI ने रैली रद्द करने की अपील की

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की महारैली को लेकर व्यापारियों ने विरोध जताया है। दिल्ली के व्यापारियों और उद्यमियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से रैली रद्द करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि दिवाली के आसपास बाजारों में कारोबार अपने चरम पर रहता है। ऐसे समय में बड़े राजनीतिक आयोजन से दुकानदारों, ग्राहकों और व्यापारिक गतिविधियों को परेशानी हो सकती है।

CTI के मुताबिक, रामलीला मैदान के आसपास दिल्ली के कई प्रमुख थोक और खुदरा बाजार स्थित हैं। व्यापारियों को आशंका है कि रैली के कारण यातायात, पार्किंग और आवाजाही प्रभावित होने से ग्राहकों की संख्या घट सकती है। संगठन ने राजनीतिक नेतृत्व से त्योहारों के व्यस्त कारोबारी समय को ध्यान में रखने का अनुरोध किया है।

‘मोहब्बत की दुकानें’ बंद होने की जताई चिंता

CTI ने राहुल गांधी के चर्चित राजनीतिक नारे ‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान’ का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यापार भी आपसी विश्वास, सम्मान और प्रेम पर आधारित होता है। संगठन ने अपील की कि राजनीतिक गतिविधियों के कारण व्यापारियों की आजीविका प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि दिल्ली के अनेक बाजारों की अपनी पहचान और लंबा इतिहास है। चांदनी चौक की परांठे वाली दुकानें, खारी बावली के मसाले, सदर बाजार की चूड़ी-बिंदी, चावड़ी बाजार का सैनिटरी सामान और करोल बाग की कुल्फी जैसी स्थानीय पहचान व्यापारिक संस्कृति का हिस्सा हैं। उनके अनुसार, प्रत्येक दुकान से कई परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी होती है।

10 से 12 हजार करोड़ रुपये के कारोबार पर असर की आशंका

बृजेश गोयल ने दावा किया कि यदि बड़ी संख्या में लोग रैली में शामिल होते हैं, तो आसपास के बाजारों में व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने अनुमान जताया कि लगभग 20 लाख व्यापारियों का 10 हजार से 12 हजार करोड़ रुपये तक का कारोबार प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे करीब 75 लाख लोगों की आजीविका पर असर पड़ सकता है।

ये आंकड़े CTI की ओर से व्यक्त की गई आशंकाएं और अनुमान हैं। वास्तविक आर्थिक प्रभाव रैली के दौरान यातायात, बाजारों की पहुंच और ग्राहकों की आवाजाही पर निर्भर करेगा।

20 प्रमुख बाजारों में पोस्टर लगाने की तैयारी

CTI ने रामलीला मैदान के लगभग पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले 20 प्रमुख बाजारों में पोस्टर लगाने का ऐलान किया है। इनमें चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, भागीरथ पैलेस, नया बाजार, चावड़ी बाजार, कश्मीरी गेट, दरियागंज, कनॉट प्लेस, करोल बाग, नबी करीम, पहाड़गंज, अजमेरी गेट, लाहौरी गेट, जनपथ, पालिका बाजार, बल्लीमारान और किनारी बाजार सहित अन्य बाजार शामिल हैं।

व्यापारी संगठन का कहना है कि उसका उद्देश्य राजनीतिक विरोध से अधिक व्यापारिक हितों और त्योहारों के दौरान बाजारों की सामान्य गतिविधियों को सुरक्षित रखना है।

रैली को लेकर आगे क्या?

CTI ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से अपनी अपील पर विचार करने का अनुरोध किया है। संगठन चाहता है कि दिवाली के व्यस्त कारोबारी दौर में ऐसा आयोजन न हो, जिससे व्यापारियों और ग्राहकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़े। वहीं, रैली को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित आयोजकों के फैसले पर निर्भर करेगी। इस मुद्दे ने राजनीतिक आयोजनों और व्यापारिक हितों के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज कर दी है।