G20 बैठक में लावरोव के साथ फोटो खिंचाने से यूरोपीय प्रतिनिधियों का इनकार, अमेरिका ने रद्द किया ग्रुप फोटो सेशन
अमेरिका के अटलांटा में आयोजित G20 बैठक के दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ ग्रुप फोटो खिंचाने को लेकर कूटनीतिक विवाद सामने आया। कई यूरोपीय प्रतिनिधियों ने फोटो सेशन में शामिल होने पर आपत्ति जताई और बहिष्कार की चेतावनी दी। विवाद को बैठक के अन्य एजेंडे पर हावी होने से रोकने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ग्रुप फोटो सेशन रद्द करने का फैसला किया। इस घटनाक्रम ने यूक्रेन युद्ध और रूस के साथ पश्चिमी देशों के संबंधों को लेकर G20 के भीतर मौजूद मतभेदों को फिर उजागर कर दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. अटलांटा। अमेरिका में आयोजित G20 बैठक के दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की मौजूदगी को लेकर कूटनीतिक विवाद सामने आया है। कई यूरोपीय प्रतिनिधियों ने लावरोव के साथ पारंपरिक ग्रुप फोटो खिंचाने पर आपत्ति जताई और फोटो सेशन का बहिष्कार करने की चेतावनी दी। स्थिति को देखते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ग्रुप फोटो सेशन रद्द करने का फैसला किया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य विवाद को बैठक के बाकी एजेंडे पर हावी होने से रोकना था।
G20 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों का एक साथ तस्वीर खिंचवाना एक पारंपरिक औपचारिकता मानी जाती है। लेकिन इस बार रूस के विदेश मंत्री की मौजूदगी को लेकर उठे विरोध ने इस परंपरा को प्रभावित किया। यूरोपीय प्रतिनिधियों की आपत्ति के बाद फोटो सेशन को लेकर सहमति नहीं बन सकी और आखिरकार इसे रद्द कर दिया गया।
रूस की मौजूदगी पर पश्चिमी देशों की नाराजगी
रूस और पश्चिमी देशों के बीच संबंधों में तनाव की प्रमुख वजह यूक्रेन पर रूस का हमला और इसके बाद मॉस्को पर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंध हैं। इन घटनाओं के चलते रूस के वरिष्ठ अधिकारियों की पश्चिमी देशों की यात्राएं और कूटनीतिक गतिविधियां पहले की तुलना में अधिक संवेदनशील हो गई हैं।
G20 बैठक में सर्गेई लावरोव की भागीदारी को लेकर भी कुछ देशों ने सवाल उठाए थे। यूरोपीय प्रतिनिधियों की नाराजगी को इसी व्यापक राजनीतिक और कूटनीतिक पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। हालांकि, फोटो सेशन रद्द होने का अर्थ यह नहीं है कि बैठक की अन्य सभी गतिविधियां भी रोक दी गईं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अमेरिकी पक्ष ने विवाद को बाकी चर्चा से अलग रखने की कोशिश की।
दिसंबर में होने वाले शिखर सम्मेलन की तैयारी
अटलांटा में आयोजित यह बैठक दिसंबर में प्रस्तावित G20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताई जा रही है। G20 दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का मंच है, जहां अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग, व्यापार, वित्तीय स्थिरता और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की जाती है।
ऐसे मंच पर सदस्य देशों के बीच मतभेद सामने आना असामान्य नहीं है, लेकिन औपचारिक कार्यक्रम का रद्द होना राजनीतिक असहजता को उजागर करता है। यूक्रेन युद्ध और रूस के साथ पश्चिमी देशों के संबंधों को लेकर अलग-अलग रुख के कारण साझा मंचों पर सहमति बनाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
वैश्विक सुरक्षा और व्यापार पर भी असर
G20 देशों के बीच मतभेद केवल रूस और यूक्रेन तक सीमित नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, क्षेत्रीय संघर्ष, व्यापार और वैश्विक आर्थिक स्थिरता जैसे मुद्दों पर भी सदस्य देशों के दृष्टिकोण अलग-अलग हो सकते हैं। ऐसे में बैठक का मुख्य उद्देश्य इन मतभेदों के बावजूद संवाद और सहयोग के रास्ते तलाशना रहता है।
ग्रुप फोटो सेशन रद्द होने की घटना ने यह संकेत दिया कि भू-राजनीतिक तनावों का असर कूटनीतिक आयोजनों की औपचारिकताओं पर भी पड़ सकता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगामी चर्चाओं में सदस्य देश साझा मुद्दों पर कितना सहयोग कर पाते हैं और दिसंबर में होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले मतभेदों को कम करने के लिए क्या प्रयास किए जाते हैं।