Ganesh Chaturthi Special: बप्पा को भोग लगाने के लिए बनाएं उकडीचे मोदक, आटा नहीं फटेगा अपनाएं ये आसान तरीका

गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश को उकडीचे मोदक का भोग लगाने की परंपरा है। चावल के आटे से बनने वाले मोदक स्वादिष्ट होने के साथ देखने में भी आकर्षक होते हैं, लेकिन इन्हें बनाते समय आटा फटने की समस्या आम है। सही मात्रा में पानी, आटे की उचित नमी, अच्छी तरह गूंथना और भरावन की सही मात्रा का ध्यान रखकर मोदक को आसानी से तैयार किया जा सकता है।

Sep 14, 2026 - 09:59
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Ganesh Chaturthi Special: बप्पा को भोग लगाने के लिए बनाएं उकडीचे मोदक, आटा नहीं फटेगा अपनाएं ये आसान तरीका

UNITED NEWS OF ASIA. गणेश चतुर्थी के साथ ही घरों में भगवान गणेश के स्वागत और पूजा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। गणेश उत्सव के दौरान बप्पा को कई तरह के पकवानों का भोग लगाया जाता है, लेकिन मोदक को भगवान गणेश का प्रिय प्रसाद माना जाता है। यही वजह है कि गणेश चतुर्थी के अवसर पर खास तौर पर उकडीचे मोदक बनाए जाते हैं। चावल के आटे से तैयार होने वाले ये मोदक स्वाद और बनावट दोनों में खास होते हैं। हालांकि, घर पर पहली बार इन्हें बनाने वालों के सामने अक्सर आटा फटने की समस्या आती है।

उकडीचे मोदक बनाते समय सबसे जरूरी बात आटे की सही कंसिस्टेंसी है। चावल का आटा न तो बहुत सूखा होना चाहिए और न ही जरूरत से ज्यादा गीला। अगर आटा सही तरीके से मुलायम और लचीला रहेगा, तो उसे आसानी से फैलाकर मोदक का आकार दिया जा सकता है। इसके लिए चावल के आटे को गर्म पानी में डालने के बाद अच्छी तरह मिलाना जरूरी है। आटा पकने के बाद उसे गर्म रहते हुए ही अच्छी तरह गूंथना चाहिए, क्योंकि ठंडा होने पर आटा सख्त हो सकता है।

आटा गूंथते समय हाथों पर थोड़ा घी या तेल लगाना उपयोगी रहता है। इससे आटा हाथों से चिपकता नहीं और उसकी सतह भी चिकनी बनी रहती है। आटे को तब तक गूंथें, जब तक वह मुलायम और एकसार न हो जाए। अगर आटा सूखा या कड़ा महसूस हो रहा है, तो थोड़ी मात्रा में गर्म पानी डालकर उसकी नमी ठीक की जा सकती है। इसके बाद आटे को कुछ देर ढककर रखने से उसमें नमी बनी रहती है और मोदक की परत तैयार करना आसान हो जाता है।

मोदक बनाते समय लोई को बहुत मोटा रखने से बचना चाहिए। लोई को धीरे-धीरे दबाकर पतला और समान रूप से फैलाएं। किनारों को थोड़ा पतला रखना जरूरी है, क्योंकि इसी हिस्से से मोदक की पंखुड़ियां बनाई जाती हैं। अगर किनारे बहुत मोटे रहेंगे तो पंखुड़ियां बनाते समय आटे पर अधिक दबाव पड़ सकता है और वह फट सकता है। इसलिए परत को बीच में थोड़ी मजबूत और किनारों पर अपेक्षाकृत पतला रखना बेहतर रहता है।

मोदक की भरावन में नारियल और गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है। भरावन को बहुत ज्यादा मात्रा में डालने से भी मोदक फट सकता है। इसलिए लोई के आकार के हिसाब से उचित मात्रा में ही भरावन रखें। पंखुड़ियां बनाने के बाद सभी किनारों को हल्के हाथों से दबाकर अच्छी तरह बंद करें, ताकि भाप में पकाते समय भरावन बाहर न निकले और मोदक की परत भी सुरक्षित रहे।

भाप में पकाते समय भी कुछ सावधानियां जरूरी हैं। स्टीमर की प्लेट या छलनी पर हल्का घी लगाया जा सकता है या साफ सूती कपड़ा बिछाया जा सकता है। इससे मोदक चिपकने से बचेंगे। इन्हें तेज आंच पर पकाने के बजाय मध्यम आंच पर भाप में पकाना बेहतर रहता है। इस तरह मोदक की बाहरी परत अच्छी तरह पकती है और उसके टूटने की संभावना कम होती है।

इस गणेश चतुर्थी पर अगर आप घर में उकडीचे मोदक बनाने की तैयारी कर रहे हैं, तो सबसे ज्यादा ध्यान आटे की नमी और नरमी पर दें। सही कंसिस्टेंसी वाला मुलायम आटा, पतली समान परत, सीमित भरावन और सही तरीके से भाप में पकाना ही अच्छे मोदक की कुंजी है। इन बातों का ध्यान रखकर आप बप्पा के लिए स्वादिष्ट और सुंदर उकडीचे मोदक तैयार कर सकते हैं।