दुर्ग में पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक, अवैध पशु परिवहन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

दुर्ग कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पशु कल्याण, अवैध पशु परिवहन की रोकथाम, आवारा श्वानों की नसबंदी, रेबीज टीकाकरण, निराश्रित पशुओं के व्यवस्थापन और पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने पशुओं के साथ क्रूरता और अवैध परिवहन के मामलों में तत्काल वैधानिक कार्रवाई करने तथा अपंजीकृत पशु एवं मांस दुकानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

Oct 27, 2026 - 19:57
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दुर्ग में पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक, अवैध पशु परिवहन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l जिले में पशुओं के कल्याण और पशु क्रूरता की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से 27 अक्टूबर 2026 को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पशुओं की सुरक्षा, अवैध परिवहन की रोकथाम, पशु जन्म नियंत्रण, टीकाकरण और निराश्रित पशुओं के व्यवस्थापन सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित विभागों को पशुओं के संरक्षण और कानून का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पशुओं के साथ क्रूरता करने और अवैध तरीके से उनका परिवहन करने के मामलों में तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने जिले में संचालित अपंजीकृत पशु एवं मांस दुकानों का निरीक्षण करने और अनियमितताएं पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। अवैध तथा बर्बरतापूर्ण तरीके से परिवहन किए जा रहे पशुओं को सुरक्षित रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए आवारा श्वानों की नसबंदी, रेबीज टीकाकरण और कृमिनाशक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि इन गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जाए, ताकि पशुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े उपायों को प्रभावी बनाया जा सके।

बैठक में डेयरी पशुओं में ऑक्सीटोसिन जैसी प्रतिबंधित दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने का विषय भी उठाया गया। कलेक्टर ने इस संबंध में नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि पशुओं के स्वास्थ्य और पशु कल्याण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।

पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के प्रावधानों और इसके उल्लंघन पर होने वाली दंडात्मक कार्रवाई की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया, जिससे लोगों को पशुओं के प्रति जिम्मेदार व्यवहार और कानूनी प्रावधानों की जानकारी मिल सके।

बैठक में पशुधन विकास विभाग को पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी तैयार कर संबंधित विभागों को भेजने के निर्देश दिए गए। इससे पशु क्रूरता से जुड़े मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

बैठक में नगर निगम दुर्ग की आयुक्त लीना कोसम, नगर निगम भिलाई की आयुक्त सुरुचि सिंह, नगर निगम भिलाई-चरोदा के आयुक्त सुदेश सुंदरानी, नगर निगम रिसाली की आयुक्त मोनिका वर्मा सहित पुलिस, राजस्व, पशुधन विकास विभाग के अधिकारी और समिति के सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में लिए गए निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में पशु कल्याण और पशु क्रूरता की रोकथाम से जुड़े प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है।