कौड़ीकसा की डॉ. दुर्गावती कुंजाम को मिला भारत प्रतिभा सम्मान-2026, स्वास्थ्य सेवाओं और नर्सिंग शिक्षा में योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम कौड़ीकसा निवासी डॉ. दुर्गावती कुंजाम उशारे को स्वास्थ्य सेवाओं और नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत प्रतिभा सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी, पद्मश्री कथक नृत्यांगना शोभना नारायण और पद्मश्री कृषि वैज्ञानिक रामचेत चौधरी ने उन्हें सम्मान प्रदान किया। स्टाफ नर्स के रूप में करियर शुरू करने वाली डॉ. कुंजाम छत्तीसगढ़ नर्सिंग काउंसिल की रजिस्ट्रार भी रह चुकी हैं। उनके इस सम्मान से जिले में खुशी का माहौल है।
UNITED NEWS OF ASIA. जावेद सेख, मानपुर l छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम कौड़ीकसा की डॉ. दुर्गावती कुंजाम उशारे ने राष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। स्वास्थ्य सेवाओं एवं नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें भारत प्रतिभा सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया है। एक नवंबर 2026 को नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। पूर्व केंद्रीय विदेश एवं संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी, पद्मश्री कथक नृत्यांगना शोभना नारायण और पद्मश्री कृषि वैज्ञानिक रामचेत चौधरी ने उन्हें सम्मानित किया।
स्वास्थ्य सेवाओं और नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने से जिले में हर्ष का माहौल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, डॉ. दुर्गावती कुंजाम नवीन जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर भारत प्रतिभा सम्मान प्राप्त करने वाली पहली महिला हैं। उनकी इस उपलब्धि से विशेष रूप से नर्सिंग और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में काम कर रही युवतियों और महिलाओं को प्रेरणा मिली है।
ग्राम कौड़ीकसा के एक साधारण परिवार में जन्मीं डॉ. दुर्गावती कुंजाम आदिवासी एवं किसान नेता तथा शिक्षक स्वर्गीय लखन शाह कुंजाम की पुत्री हैं। उन्होंने अपनी प्राथमिक और प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही पूरी की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए अंबागढ़ चौकी, राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई और रायपुर में अध्ययन किया। परिवार से मिले सेवा और शिक्षा के संस्कारों को उन्होंने अपने जीवन का उद्देश्य बनाया और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ने का निर्णय लिया।
डॉ. दुर्गावती ने वर्ष 2004 में अंबागढ़ चौकी के 30 बिस्तरों वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से स्टाफ नर्स के रूप में शासकीय सेवा की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दुर्ग स्थित एम.पी.डब्ल्यू. प्रशिक्षण केंद्र में ट्यूटर के रूप में भी सेवाएं दीं। नर्सिंग शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ नर्सिंग काउंसिल में रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने वर्ष 2018 से 2021 और वर्ष 2022 से 2025 के बीच इस पद पर कार्य किया। इस तरह उन्हें लगभग सात वर्षों तक प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिला। वर्तमान में वे कांकेर स्थित जीएनएमटी प्रशिक्षण केंद्र में प्राचार्य के पद पर कार्यरत हैं।
नर्सिंग काउंसिल में कार्यकाल के दौरान डॉ. कुंजाम ने प्रदेश की बेटियों और महिलाओं को नर्सिंग शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में काम किया। उनके मार्गदर्शन से वनांचल क्षेत्र और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की अनेक युवतियों ने नर्सिंग को करियर के रूप में अपनाया है। इनमें से कई युवतियां आज शासकीय और निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं। जिला मुख्यालय मोहला की खुशबू उर्वशा और भर्रीटोला की प्रियंका बोगा ने भी उनके मार्गदर्शन और सहयोग को अपनी उपलब्धि में महत्वपूर्ण बताया है।
भारत प्रतिभा सम्मान काउंसिल की ओर से प्रतिवर्ष विभिन्न श्रेणियों में जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाता है। इसी क्रम में डॉ. दुर्गावती कुंजाम का चयन छत्तीसगढ़ से स्वास्थ्य सेवाओं और नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए किया गया।
उनकी इस उपलब्धि पर मोहला-मानपुर विधायक इंद्रशाह मंडावी, पूर्व विधायक तेजकुंवर नेताम, पूर्व मंत्री गोवर्धन नेताम, नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल मानिकपुरी, मयाराम नर्सिंग स्कूल के संचालक डॉ. रामनरेंद्र नेताम सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और क्षेत्र के नागरिकों ने बधाई दी है। डॉ. दुर्गावती कुंजाम को मिला यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और सेवा का सम्मान है, बल्कि क्षेत्र की उन बेटियों के लिए भी प्रेरणा है, जो शिक्षा और मेहनत के दम पर अपने भविष्य को नई दिशा देना चाहती हैं।