दंतेवाड़ा में चक्रवाती तूफान का खतरा, ऑरेंज अलर्ट के बीच प्रशासन हाई अलर्ट पर, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने दिए सुरक्षा के निर्देश

दंतेवाड़ा में संभावित चक्रवाती तूफान और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने सभी विभागों को आपदा प्रबंधन और राहत-बचाव कार्यों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। जिले में चौबीस घंटे नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखे गए हैं। नागरिकों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है। आपात स्थिति के लिए अधिकारियों के संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं।

Oct 26, 2026 - 19:10
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दंतेवाड़ा में चक्रवाती तूफान का खतरा, ऑरेंज अलर्ट के बीच प्रशासन हाई अलर्ट पर, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने दिए सुरक्षा के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा। उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र में संभावित चक्रवाती तूफान और मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में प्रशासन सतर्क हो गया है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 27 अक्टूबर से दंतेवाड़ा, सुकमा सहित बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। संभावित खतरे को देखते हुए कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने संबंधित विभागों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता संभावित प्राकृतिक आपदा के दौरान जनहानि को रोकना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने राजस्व, पुलिस, पंचायत, नगरीय प्रशासन, स्वास्थ्य, विद्युत और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

जिला प्रशासन के अनुसार, जिला एवं तहसील स्तर पर स्थापित नियंत्रण कक्षों को चौबीस घंटे सक्रिय रखा गया है। मौसम की बदलती परिस्थितियों और विभागीय चेतावनियों की लगातार निगरानी की जा रही है। किसी भी क्षेत्र में जलभराव, बाढ़ या अन्य आपात स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी की गई है।

संभावित चक्रवाती तूफान को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों, जलभराव वाले क्षेत्रों और बाढ़ की आशंका वाले स्थानों को चिह्नित कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। राज्य आपदा मोचन बल और होमगार्ड के जवानों को नाव, कटर तथा अन्य जीवनरक्षक उपकरणों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

जल संसाधन विभाग को प्रमुख बांधों और जलाशयों के जलस्तर की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। यदि जल निकासी की आवश्यकता होती है, तो निचले क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को समय रहते सूचना उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को मौसम और सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां नागरिकों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए हैं।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और जोखिमपूर्ण स्थानों से दूर रहें। अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। नागरिकों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा आधिकारिक मौसम चेतावनियों पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।

आपातकालीन सहायता के लिए दंतेवाड़ा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मनीष बघेल से मोबाइल नंबर 9588866187, तहसीलदार परमानन्द बंजारे से 9399300463, कटेकल्याण तहसीलदार आशा मौर्य से 9424105847, बचेली तहसीलदार महेश कश्यप से 9406172376, बारसूर तहसीलदार संतोष ध्रुव से 9399476685 और कुआकोंडा तहसीलदार गौतम गोरे से 8962330903 पर संपर्क किया जा सकता है। जिला नियंत्रण कक्ष का नंबर 07856-252412 भी जारी किया गया है।

आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अपर कलेक्टर भरतराम ध्रुव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनसे मोबाइल नंबर 9617536306 पर संपर्क किया जा सकता है। भू-अभिलेख अधीक्षक गोवर्धन को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्कता बरतने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल नियंत्रण कक्ष या संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है। सभी विभागों को संभावित बारिश और चक्रवाती परिस्थितियों के दौरान जनसुरक्षा तथा आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।