दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर राजनीतिक पक्षपात के आरोप लगाए हैं। पार्टी के संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की एसआईआर से जुड़े फैसलों पर दर्ज आपत्तियों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। चुनाव आयोग की ओर से इन मतभेदों को निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए सभी प्रमुख फैसलों को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही गई है।

Sep 24, 2026 - 13:40
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दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा चुनाव प्रक्रिया और वोट चोरी को लेकर उठाए गए सवालों के संदर्भ में हालिया घटनाक्रम महत्वपूर्ण है। उन्होंने चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की एसआईआर से संबंधित आपत्तियों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 मौकों पर चुनाव आयोग के फैसलों और आदेशों पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज की हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों का संबंध मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने, फॉर्म-6 में बदलाव तथा मतदाता सूची के डेटाबेस के संचालन जैसे मुद्दों से था।

कांग्रेस नेता ने कहा कि दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को नजरअंदाज किए जाने से चुनाव आयोग के भीतर निर्णय प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने दावा किया कि इन आपत्तियों से यह स्पष्ट होता है कि एसआईआर की प्रक्रिया में गंभीर खामियां हैं। हालांकि, चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों ने इन रिपोर्टों के बाद कहा कि एसआईआर सहित आयोग के सभी प्रमुख फैसले तीनों आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं और आपत्तियां सामान्य निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, संधू और जोशी ने एसआईआर के तहत मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और बहाली के अलावा चुनावी डेटाबेस के केंद्रीकरण और तकनीकी व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए। दोनों आयुक्तों ने कुछ मामलों में फैसले उनके संज्ञान या सहमति के बिना लिए जाने की बात दर्ज की थी।

सुशील आनंद शुक्ला ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर केंद्र सरकार के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया और उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि पार्टी एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों को जनता के सामने उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े किसी भी बदलाव में पारदर्शिता और निष्पक्षता महत्वपूर्ण है तथा चुनाव प्रक्रिया में सभी पक्षों का भरोसा बनाए रखना जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने से संबंधित महाभियोग प्रस्ताव के मुद्दे को आगे उठाएगी। हालांकि, इस संबंध में दिए गए अन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध सामग्री से नहीं होती है।

यह बयान छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर तैयार किया गया है।