गट्टासिल्ली FPC ने बदली किसानों की तस्वीर, महिला नेतृत्व से ग्रामीण उद्यमिता को मिली नई राह
धमतरी जिले के नगरी विकासखंड में गट्टासिल्ली फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की पांच वर्षों की यात्रा किसान-स्वामित्व वाले व्यवसाय और ग्रामीण उद्यमिता की कहानी बनकर सामने आई है। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित वार्षिक आमसभा में करीब 550 शेयरधारक शामिल हुए। किसानों और महिला किसानों ने एफपीसी की उपलब्धियों, व्यवसायिक गतिविधियों, वित्तीय स्थिति, ऑडिट, लाभ और आगामी योजनाओं पर चर्चा की। सुगंधित धान, नगरी दुबराज, लघु वनोपज और अन्य कृषि उत्पादों के सामूहिक विपणन के साथ महिला किसानों की निर्णय प्रक्रिया में बढ़ती भागीदारी को इस यात्रा की प्रमुख उपलब्धि बताया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में किसानों की सामूहिक भागीदारी, बाजार की समझ और अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य हासिल करने की क्षमता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। धमतरी जिले के नगरी विकासखंड में गट्टासिल्ली फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी यानी FPC की पांच वर्षों की यात्रा इसी दिशा में बदलाव की कहानी प्रस्तुत करती है। किसानों और महिला किसानों की भागीदारी से तैयार यह मंच किसान-स्वामित्व वाले व्यवसाय और ग्रामीण उद्यमिता की नई संभावनाओं को सामने ला रहा है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 29 सितंबर को नगरी विकासखंड में एफपीसी की वार्षिक आमसभा आयोजित की गई। इसमें करीब 550 शेयरधारक शामिल हुए। नगरी विकासखंड के सभी पांच सीएलएफ से पहुंचे महिला और पुरुष शेयरधारकों ने एफपीसी की पांच वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों, व्यवसायिक गतिविधियों, वित्तीय स्थिति, ऑडिट, लाभ और आगामी योजनाओं की जानकारी ली। इस दौरान शेयरधारकों ने सामूहिक व्यवसाय को और मजबूत बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए।
गट्टासिल्ली एफपीसी की शुरुआत में किसानों और विशेषकर महिला किसानों को संगठित कर उन्हें शेयरधारक के रूप में जोड़ना एक बड़ी चुनौती थी। समय के साथ किसानों में एफपीसी के प्रति विश्वास बढ़ा और उन्होंने इसे केवल एक संस्था के बजाय अपने किसान-स्वामित्व वाले व्यवसाय के रूप में देखना शुरू किया। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्यों ने भी आमसभा में शुरुआती दौर की चुनौतियों और अनुभवों को साझा किया।
एफपीसी के माध्यम से किसानों को उत्पादन के साथ-साथ बाजार और व्यवसाय की समझ विकसित करने का अवसर मिल रहा है। गट्टासिल्ली एफपीसी द्वारा सुगंधित धान, नगरी दुबराज, लघु वनोपज यानी NTFP और अन्य कृषि एवं वन आधारित उत्पादों के सामूहिक विपणन के अवसर विकसित किए जा रहे हैं। सामूहिक विपणन के जरिए छोटे और सीमांत किसानों, विशेषकर महिला किसानों को बाजार से जोड़ने और उत्पाद की गुणवत्ता, मांग तथा मूल्य की जानकारी के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
इस पूरी यात्रा में महिला किसानों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही है। स्वयं सहायता समूहों और सीएलएफ से जुड़ी महिलाओं का एफपीसी से जुड़ाव ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक भागीदारी के नए अवसर पैदा कर रहा है। महिलाओं की भूमिका केवल शेयरधारक तक सीमित नहीं रहकर निर्णय प्रक्रिया और सामूहिक व्यवसाय में सक्रिय भागीदारी तक पहुंच रही है।
वार्षिक आमसभा में कृषि और व्यवसाय के साथ नगरी की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिली। पांचों सीएलएफ की ओर से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। “छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा क्यों कहा जाता है” और पुनर्योजी कृषि पद्धतियों जैसे विषयों को भी प्रस्तुतियों के माध्यम से सामने रखा गया। बच्चों के युगल और सामूहिक नृत्य ने कार्यक्रम में उत्साह बढ़ाया।
गट्टासिल्ली एफपीसी की पांच वर्ष की यात्रा में आगे उत्पादों में विविधता, गुणवत्ता सुधार, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, बेहतर बाजार संपर्क और डिजिटल माध्यमों के उपयोग जैसी संभावनाएं सामने हैं। सामूहिक स्वामित्व और किसानों की भागीदारी को मजबूत करते हुए स्थानीय कृषि एवं वन उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने की दिशा में आगे काम किया जा सकता है।
यह कहानी बताती है कि जब किसान केवल योजनाओं के लाभार्थी न रहकर अपने व्यवसाय के हिस्सेदार और निर्णय प्रक्रिया के सहभागी बनते हैं, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नए अवसर विकसित हो सकते हैं। गट्टासिल्ली FPC की पांच वर्ष की यात्रा सामूहिकता, स्वामित्व, आत्मविश्वास और ग्रामीण उद्यमिता की इसी प्रक्रिया को सामने रखती है।