अधिकारों और योजनाओं की जानकारी से सशक्त बन रही छत्तीसगढ़ की महिलाएं
सेवा संकल्प अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा प्रावधानों, वित्तीय साक्षरता, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी जा रही है। सूरजपुर जिले के प्रेमनगर और रामानुजनगर विकासखंड में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में महिलाओं को विभिन्न शासकीय योजनाओं, महिला सुरक्षा सेवाओं, वित्तीय विकल्पों, कौशल प्रशिक्षण और कानूनी सहायता तंत्र से अवगत कराया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. सेवा केवल योजनाओं का लाभ पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को उनके अधिकारों, अवसरों और उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है। इसी सोच के साथ छत्तीसगढ़ में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत महिलाओं को जागरूक कर उन्हें शासकीय योजनाओं, सुरक्षा प्रावधानों, वित्तीय साक्षरता, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ा जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिलों में विकासखंड स्तर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम महिलाओं को अपने अधिकार समझने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दे रहे हैं।
इसी क्रम में सूरजपुर जिले के प्रेमनगर और रामानुजनगर विकासखंड में महिला सशक्तिकरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रेमनगर के ग्राम पंचायत अन्नपूर्णा तथा रामानुजनगर के ग्राम पंचायत गणेशपुर के ग्राम घुमाडांड में आयोजित कार्यक्रमों में महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और कृषि आधारित गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी गई। महिलाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और सरकारी सहायता का उपयोग कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए भी प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में संरक्षण अधिकारी इंदिरा कुमारी तिवारी, जेंडर विशेषज्ञ सलोमी कुजूर और वित्तीय साक्षरता समन्वयक विशेषज्ञ फरजाना ने महिलाओं को वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्हें बचत, सावधि जमा और म्यूचुअल फंड सहित विभिन्न वित्तीय विकल्पों के बारे में बताया गया। इसके साथ ही कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के इच्छुक महिलाओं को लाइवलीहुड कॉलेज में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।
जागरूकता कार्यक्रमों में नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। महिलाओं को सखी वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181 और आपातकालीन सेवा 112 जैसी सहायता सेवाओं की उपयोगिता भी समझाई गई। घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न से संरक्षण के कानूनी प्रावधानों के साथ कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने और सहायता प्राप्त करने के उपलब्ध तंत्र के बारे में भी बताया गया।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व, बाल विवाह के दुष्परिणाम, बाल श्रम की रोकथाम और बच्चों की शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। जरूरतमंद बच्चों की सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी भी साझा की गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर बच्चों को समय पर सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराया जा सके।
विशेष रूप से पंडो जनजाति की महिलाओं से संवाद कर उन्हें सरल भाषा में उनके अधिकारों, सुरक्षा और उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। स्थानीय स्तर पर आयोजित ऐसे जागरूकता कार्यक्रम महिलाओं तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ उनमें अपने अधिकारों के प्रति समझ विकसित कर रहे हैं। वित्तीय जानकारी, कौशल प्रशिक्षण और सुरक्षा तंत्र की जानकारी मिलने से महिलाएं रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों का बेहतर उपयोग कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाने के बजाय उन्हें अपने अधिकारों और उपलब्ध अवसरों की जानकारी देकर सशक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है। जागरूकता, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जुड़ी यह पहल महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।