कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों और पड़ोसी राज्यों के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटलियर्स, होम-स्टे संचालक और विदेशी टूर एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने की।
कार्यक्रम में पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया गया। राजेश अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन केवल भ्रमण का माध्यम नहीं है, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उन्होंने बस्तर की जनजातीय संस्कृति, सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत, राजिम, भोरमदेव और बारनवापारा जैसे पर्यटन स्थलों की संभावनाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास का उद्देश्य पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण तथा कारीगरों और कलाकारों के लिए बाजार उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने रायपुर की निर्माणाधीन फिल्म सिटी, भोरमदेव कॉरिडोर और जशपुर के मयाली क्षेत्र में पर्यटन विकास जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने बताया कि आयोजन के जरिए देश-विदेश के पर्यटन कारोबारियों और स्थानीय हितधारकों के बीच व्यावसायिक संबंध मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। बीटूबी बैठकों में नए पर्यटन पैकेज तैयार करने, व्यावसायिक साझेदारी विकसित करने और छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को टूर पैकेज में शामिल करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि विभिन्न शहरों में रोड शो और पर्यटन आयोजनों में सहभागिता के बाद 400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां पर्यटन मंडल से जुड़ चुकी हैं।
पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से पर्यटन प्रचार, पर्यटक अनुभव और पर्यटन स्थलों की पहुंच बढ़ाने की संभावनाओं पर जानकारी दी। प्रस्तुतीकरण में चित्रकोट, तीरथगढ़, कुटुमसर-कैलाश-दंडक गुफाएं, मैनपाट, जशपुर, बस्तर दशहरा, सिरपुर, भोरमदेव, ढोलकल गणेश, नारायणपाल और मल्हार जैसे पर्यटन स्थलों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
आयोजन में स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़ने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। पर्यटन कारोबारियों के बीच बीटूबी बैठक के माध्यम से टूर पैकेज, पर्यटक समूहों को छत्तीसगढ़ लाने और नए बाजारों से जुड़ने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें बेस्ट टूरिज्म डिस्ट्रिक्ट प्रमोशन अवार्ड गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेस्ट इको टूरिज्म साइट अवार्ड तक्षक भोरमदेव, बेस्ट होटल अवार्ड एम्बिशन जगदलपुर, बेस्ट टूर ऑपरेटर अवार्ड डी. रमेश कैंप वन्स और बेस्ट टूरिज्म स्टार्टअप अवार्ड हेरिटेज वाला को शामिल किया गया। इसके अलावा विभिन्न श्रेणियों में अन्य पर्यटन हितधारकों को भी सम्मानित किया गया। सभी पुरस्कारों के साथ 11 हजार रुपये का चेक, मोमेंटो और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के पुरातात्विक स्थलों पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया।