बस किराया बढ़ने पर विनोद चंद्राकर का भाजपा सरकार पर हमला, बोले- आम यात्रियों का सफर हुआ महंगा
छत्तीसगढ़ में बस किराया बढ़ाए जाने को लेकर महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि महंगाई से परेशान आम यात्रियों पर किराया वृद्धि से अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। चंद्राकर ने सरकार से बढ़ी हुई दरें वापस लेने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद। छत्तीसगढ़ में बस किराया बढ़ाए जाने के फैसले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व संसदीय सचिव और महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए किराया वृद्धि को आम यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला फैसला बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई से पहले ही परेशान लोगों को राहत देने के बजाय सरकार की नीतियों से उनकी मुश्किलें बढ़ रही हैं। चंद्राकर ने राज्य सरकार से बढ़ी हुई बस किराया दरों को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने कहा कि पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और खाद्य सामग्रियों की बढ़ती कीमतों के बीच अब सार्वजनिक परिवहन का सफर भी महंगा हो गया है। बसों से रोजाना यात्रा करने वाले मजदूरों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और इलाज के लिए दूसरे शहरों में जाने वाले मरीजों तथा उनके परिजनों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
चंद्राकर के अनुसार, परिवहन विभाग की 8 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना के तहत बसों की नई किराया दरें राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से लागू की गई हैं। बताई गई दरों के अनुसार, साधारण बस में शुरुआती पांच किलोमीटर के लिए 10 रुपये और उसके बाद प्रति किलोमीटर 1.75 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। डीलक्स बस में शुरुआती पांच किलोमीटर के लिए 12 रुपये और उसके बाद प्रति किलोमीटर 2.20 रुपये की दर तय की गई है। वहीं, सुपर लग्जरी श्रेणी की वोल्वो और स्कैनिया जैसी बसों के लिए शुरुआती पांच किलोमीटर का किराया 12 रुपये तथा इसके बाद प्रति किलोमीटर 3.30 रुपये निर्धारित होने की जानकारी दी गई है। रात्रिकालीन बस सेवाओं में 10 प्रतिशत अतिरिक्त किराया वसूले जाने का भी उल्लेख किया गया है।
उन्होंने कहा कि किराया वृद्धि का असर महासमुंद जिले के यात्रियों पर विशेष रूप से दिखाई देगा। महासमुंद से रायपुर, सरायपाली, बागबाहरा, खरियार रोड, बलौदाबाजार, राजिम, छुरा और गरियाबंद जैसे मार्गों पर प्रतिदिन यात्रा करने वाले लोगों का परिवहन खर्च बढ़ सकता है। उनके मुताबिक, जिन यात्राओं के लिए पहले 100 से 150 रुपये तक खर्च होते थे, उनमें अब 200 से 250 रुपये तक किराया देने की स्थिति बन सकती है। हालांकि, वास्तविक किराया बस की श्रेणी, दूरी और संबंधित मार्ग पर लागू दरों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने कहा कि रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों और सीमित आय वाले परिवारों के लिए यात्रा खर्च में बढ़ोतरी परेशानी बढ़ाने वाली है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए और नौकरीपेशा लोगों को रोजगार के सिलसिले में नियमित रूप से बसों का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में किराया बढ़ने से उनके मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि बढ़ती महंगाई और आम जनता की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए बस किराया वृद्धि के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए। चंद्राकर ने कहा कि सरकार को सार्वजनिक परिवहन को आम लोगों के लिए सुलभ बनाए रखने की दिशा में कदम उठाने चाहिए, ताकि यात्रियों, मजदूरों और मध्यम वर्ग को राहत मिल सके।