रायपुर अस्पताल से लापता युवक 10 दिन बाद घायल हालत में लौटा, अपहरण और मारपीट के लगाए आरोप

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बाल गोपाल अस्पताल से 7 अक्टूबर को लापता हुआ गरियाबंद जिले के धवलपुर निवासी पीतम यादव करीब 10 दिन बाद घायल अवस्था में घर लौटा। युवक ने कथित अपहरण, बंधक बनाकर रखने और मारपीट किए जाने के आरोप लगाए हैं। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस से मामले की जांच, एफआईआर दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। फिलहाल घटना के संबंध में पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और कार्रवाई की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

Oct 18, 2026 - 11:33
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रायपुर अस्पताल से लापता युवक 10 दिन बाद घायल हालत में लौटा, अपहरण और मारपीट के लगाए आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. राधे पटेल, गरियाबंद l मैनपुर, राजधानी रायपुर के बाल गोपाल अस्पताल से लापता हुआ गरियाबंद जिले के धवलपुर निवासी पीतम यादव करीब 10 दिन बाद घायल अवस्था में अपने घर लौट आया। युवक ने कथित तौर पर अपहरण कर बंधक बनाए जाने और मारपीट किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, एफआईआर दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। फिलहाल घटना के संबंध में पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।

जानकारी के अनुसार, पीतम यादव, पिता चैतुराम यादव, अपनी दीदी और जीजा के साथ बहन के बच्चे के इलाज के लिए रायपुर स्थित बाल गोपाल अस्पताल गया था। इसी दौरान 7 अक्टूबर को वह अस्पताल परिसर के आसपास से लापता हो गया। परिजनों के लिए युवक का अचानक गायब होना चिंता का विषय बन गया। करीब 10 दिन बाद जब वह घायल हालत में घर लौटा, तब उसने अपने साथ हुई कथित घटना की जानकारी परिवार को दी।

पीतम के बताए अनुसार, अस्पताल के पास एक अज्ञात युवक उसे घूमने के बहाने किनारे ले गया। वहां पहुंचने पर एक अन्य युवक ने कथित तौर पर पीछे से उसके सिर पर लकड़ी से वार कर दिया। चोट लगने के कारण वह बेहोश हो गया। युवक का दावा है कि जब उसे होश आया, तब उसने खुद को बिलासपुर में एक बंद कमरे के अंदर पाया।

पीतम ने आरोप लगाया कि उसे करीब चार दिनों तक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसने वहां से निकलने की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर आरोपियों ने उसे पकड़ लिया। युवक के अनुसार, इसके बाद उसके पैर में चाकू घोंपा गया और लोहे के सरिये से पीठ सहित शरीर के अन्य हिस्सों पर हमला किया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

युवक ने बताया कि चार दिन बाद वह किसी तरह वहां से निकलने में सफल रहा। इसके बाद एक बस चालक की मदद से रायपुर पहुंचा और रातभर बस स्टैंड पर रहा। अगली सुबह वह अभनपुर की ओर पैदल जा रहा था, तभी एक परिचित ने उसे पहचान लिया। परिचित की मदद से वह अपने घर पहुंच सका।

घर लौटने के बाद पीतम को उपचार के लिए राजिम के अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार कराने के बाद उसे धवलपुर लाया गया। करीब 10 दिन तक लापता रहने के बाद बेटे को घर पर देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली, लेकिन उसके द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों से परिवार और ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।

परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने, युवक के बयान के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने और दोषियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। घटना में कथित अपहरण, बंधक बनाए जाने और मारपीट के आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।