अशोकनगर में मां अंबे का भव्य श्रृंगार: 44 तोला सोना, साढ़े 3 किलो चांदी के आभूषण, 24 घंटे पुलिस का पहरा

मध्य प्रदेश के अशोकनगर स्थित गौशाला रोड के श्री जिंदाबाबा झांकी समिति के दरबार में मां अंबे का भव्य श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मां की प्रतिमा को 44 तोला सोने और करीब 3.5 किलो चांदी के आभूषणों से सजाया गया है। सोने का बाजूबंद, रानी हार, मंगलसूत्र, नथ और चांदी की पादुकाओं सहित कई पारंपरिक आभूषण मां के दिव्य स्वरूप की शोभा बढ़ा रहे हैं। बेशकीमती आभूषणों की सुरक्षा के लिए यहां 24 घंटे पुलिस गार्ड तैनात रहता है।

Oct 18, 2026 - 12:01
 0  2
अशोकनगर में मां अंबे का भव्य श्रृंगार: 44 तोला सोना, साढ़े 3 किलो चांदी के आभूषण, 24 घंटे पुलिस का पहरा

UNITED NEWS OF ASIA. मध्य प्रदेश के अशोकनगर में मां अंबे का भव्य श्रृंगार इन दिनों श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। गौशाला रोड स्थित श्री जिंदाबाबा झांकी समिति के दरबार में मां की प्रतिमा को 44 तोला सोने और करीब साढ़े तीन किलो चांदी के बेशकीमती आभूषणों से सजाया गया है। मां के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालु लगातार पहुंच रहे हैं। सोने-चांदी के पारंपरिक आभूषणों से सजा दरबार आस्था, भव्यता और धार्मिक परंपरा का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

44 तोला सोना और 3.5 किलो चांदी से सजा मां का दरबार

मां अंबे के श्रृंगार में सोने और चांदी के कई आकर्षक आभूषण शामिल हैं। सोने का बाजूबंद, रानी हार, मंगलसूत्र, नथ और कानों के कुंडल मां के स्वरूप की शोभा बढ़ा रहे हैं। वहीं चांदी का कलश, पायल, बिछिया और चरण पादुकाएं इस श्रृंगार को विशेष बनाती हैं। आभूषणों की चमक और मां की मनमोहक प्रतिमा श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। भक्त मां के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना कर रहे हैं।

बेशकीमती आभूषणों की सुरक्षा में 24 घंटे पुलिस तैनात

मां के दरबार में बड़ी मात्रा में सोने और चांदी के आभूषण होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन बेशकीमती आभूषणों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे पुलिस गार्ड तैनात रहता है। इसके साथ ही झांकी समिति के सदस्य भी व्यवस्था पर नजर रखते हैं, ताकि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य मां के दरबार की पवित्रता बनाए रखने के साथ आभूषणों की सुरक्षित निगरानी सुनिश्चित करना है।

आस्था और परंपरा का अनूठा संगम

श्री जिंदाबाबा झांकी समिति का यह दरबार केवल अपने भव्य श्रृंगार के लिए ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की गहरी आस्था के कारण भी चर्चा में है। भक्त मां के चरणों में शीश झुकाकर अपनी मनोकामनाएं रखते हैं और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं। मां के श्रृंगार में शामिल प्रत्येक आभूषण श्रद्धालुओं के लिए भक्ति और समर्पण का प्रतीक है।

अशोकनगर में मां अंबे का यह दिव्य स्वरूप धार्मिक उत्साह और परंपरा की झलक प्रस्तुत कर रहा है। 44 तोला सोने और करीब 3.5 किलो चांदी के आभूषणों से सजी प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बनी हुई है। वहीं 24 घंटे पुलिस की निगरानी इस आयोजन में सुरक्षा के महत्व को भी दर्शाती है। मां के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।