बिलासपुर के टैगोर इंस्टीट्यूट में गरबा 4.0 की धूम, पारंपरिक वेशभूषा में विद्यार्थियों ने गरबा और डांडिया से बांधा समां

बिलासपुर के सकरी स्थित टैगोर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च में गरबा 4.0 का भव्य आयोजन हुआ। पारंपरिक वेशभूषा में सजे विद्यार्थियों ने गरबा और डांडिया की शानदार प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, नवरात्रि की भक्ति और युवा उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला।

Oct 17, 2026 - 10:02
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बिलासपुर के टैगोर इंस्टीट्यूट में गरबा 4.0 की धूम, पारंपरिक वेशभूषा में विद्यार्थियों ने गरबा और डांडिया से बांधा समां

UNITED NEWS OF ASIA. बिलासपुर l नवरात्रि की भक्ति, भारतीय संस्कृति और युवाओं के उत्साह का शानदार संगम बिलासपुर जिले के सकरी स्थित टैगोर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च में देखने को मिला। संस्थान में गरबा 4.0 का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सजकर गरबा और डांडिया की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। रंग-बिरंगे परिधान, संगीत की मधुर धुन और विद्यार्थियों के उत्साह ने पूरे कॉलेज परिसर को उत्सवमय बना दिया।

नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। गरबा की पारंपरिक लय और डांडिया की ताल पर छात्र-छात्राओं ने अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजन के दौरान भारतीय संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता की सुंदर झलक देखने को मिली। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष और यादगार बना दिया।

गरबा 4.0 केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता, सांस्कृतिक प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर भी मिला। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने, आपसी सहयोग की भावना विकसित करने और सामूहिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हैं। पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

टैगोर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च में विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ उनके सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण को भी प्राथमिकता दी जाती है। संस्थान के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद अख्तर रसूल के मार्गदर्शन में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक आयोजनों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। गरबा 4.0 इसी सोच का उदाहरण रहा, जहां विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिला।

संस्थान के चेयरमैन दीपक सिंह राजपूत, सचिव डॉ. सुकांत विश्वकर्मा, निदेशक वी. के. रावत, राजनीश सिंह और रजिस्ट्रार ओमकार देवांगन का मार्गदर्शन विद्यार्थियों के विकास तथा संस्थान की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण माना जाता है। संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ ऐसे अवसर प्रदान करना है, जिनसे उनमें रचनात्मक सोच, सामाजिक जिम्मेदारी, नेतृत्व क्षमता और सांस्कृतिक मूल्यों का विकास हो सके।

वर्तमान समय में उच्च शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ व्यक्तित्व विकास और सामाजिक सहभागिता भी आवश्यक है। गरबा 4.0 जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी परंपराओं से जोड़ते हैं और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करते हैं। इससे कॉलेज परिसर में सकारात्मक वातावरण और विद्यार्थियों के बीच आपसी तालमेल को भी बढ़ावा मिलता है।

कार्यक्रम में पारंपरिक परिधानों की खूबसूरती, गरबा की आकर्षक प्रस्तुतियां और डांडिया की शानदार ताल ने विशेष आकर्षण पैदा किया। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ आयोजन में भाग लेकर इसे यादगार बनाया। पूरे कार्यक्रम में नवरात्रि की सांस्कृतिक भावना और युवा ऊर्जा का अनूठा मेल दिखाई दिया।

कुल मिलाकर, टैगोर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च, सकरी, बिलासपुर में आयोजित गरबा 4.0 भारतीय संस्कृति, परंपरा और विद्यार्थियों की प्रतिभा का शानदार उत्सव साबित हुआ। आयोजन ने यह संदेश दिया कि शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों का समन्वय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव तैयार करता है।