विश्व एनेस्थीसिया दिवस पर रायपुर में पंचरक्षक अभियान, रेलवे स्टेशन पर CPR का लाइव प्रदर्शन, वॉकाथॉन और पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन

विश्व एनेस्थीसिया दिवस के अवसर पर रायपुर के पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में पंचरक्षक अभियान, जागरूकता वॉकाथॉन और पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। रेलवे स्टेशन पर विशेषज्ञों ने यात्रियों को सीपीआर की तकनीक सिखाई। कार्यक्रम में पांच प्रमुख जीवनरक्षक कौशलों, सुरक्षित शल्य चिकित्सा और मरीजों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

Oct 17, 2026 - 09:58
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विश्व एनेस्थीसिया दिवस पर रायपुर में पंचरक्षक अभियान, रेलवे स्टेशन पर CPR का लाइव प्रदर्शन, वॉकाथॉन और पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l विश्व एनेस्थीसिया दिवस के अवसर पर रायपुर स्थित पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के एनेस्थीसियोलॉजी एवं पेन मेडिसिन विभाग द्वारा जनजागरूकता और शैक्षणिक गतिविधियों की श्रृंखला आयोजित की गई। विभागाध्यक्ष डॉ. जया ललवानी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रमों में पंचरक्षक अभियान, जागरूकता वॉकाथॉन, सीपीआर का लाइव प्रदर्शन और पोस्टर प्रतियोगिता प्रमुख आकर्षण रहे। इन गतिविधियों का उद्देश्य आम नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी देना और सुरक्षित शल्य चिकित्सा में एनेस्थीसिया की महत्वपूर्ण भूमिका से परिचित कराना था।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 6:30 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन पर पंचरक्षक अभियान के तहत सीपीआर के लाइव प्रदर्शन से हुई। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने यात्रियों और आम नागरिकों को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन यानी सीपीआर की बुनियादी तकनीक समझाई। उपस्थित लोगों ने हैंड्स-ऑन अभ्यास में भाग लेकर आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक सहायता देने के तरीके सीखे। विशेषज्ञों ने बताया कि हृदय गति रुकने जैसी गंभीर स्थिति में समय पर सही सहायता मिलने से मरीज के बचने की संभावना बढ़ सकती है।

इसके बाद चिकित्सा महाविद्यालय से नगर घड़ी चौक तक जागरूकता वॉकाथॉन आयोजित किया गया। इसमें इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स की स्टेट ब्रांच अध्यक्ष डॉ. एस. दासगुप्ता, सचिव डॉ. जया ललवानी, सिटी ब्रांच अध्यक्ष डॉ. विवेक गोयल और सचिव डॉ. सिद्धार्थ अग्रवाल सहित अनेक चिकित्सकों ने भाग लिया। वॉकाथॉन के माध्यम से लोगों को बताया गया कि एनेस्थीसिया केवल ऑपरेशन के दौरान बेहोशी देने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि मरीज की सुरक्षा, दर्द नियंत्रण और बेहतर उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कार्यक्रम की अगली कड़ी में अटल बिहारी वाजपेयी ऑडिटोरियम में पंचरक्षक थीम पर पोस्टर प्रदर्शनी और प्रतियोगिता आयोजित की गई। स्नातक विद्यार्थियों ने 'बिफोर, ड्यूरिंग एंड बियोन्ड सर्जरी' विषय पर रचनात्मक पोस्टर प्रस्तुत किए। इनके माध्यम से ऑपरेशन से पहले, ऑपरेशन के दौरान और उसके बाद मरीज की सुरक्षा में एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की भूमिका को दर्शाया गया।

पंचरक्षक अभियान के अंतर्गत पांच प्रमुख जीवनरक्षक कौशलों पर विशेष ध्यान दिया गया। इनमें सीपीआर, गले में बाहरी वस्तु फंसने पर सहायता, बेहोशी का प्राथमिक प्रबंधन, चोट एवं रक्तस्राव नियंत्रण तथा आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर गोल्डन ऑवर में उपचार सुनिश्चित करना शामिल रहा। इन विषयों पर आयोजित प्रतियोगिता में पांच-पांच विद्यार्थियों के समूहों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की व्यावहारिक दक्षता, टीम भावना और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना था।

आयोजन में डॉ. प्रतीक्षा अग्रवाल, डॉ. मंजुलता टंडन, डॉ. ए. शशांक, डॉ. अमृता जैन और डॉ. शाहिदा खातून ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम में प्रभारी डीन डॉ. एस. बी. एस. नेताम, डॉ. ज्योति जायसवाल, डॉ. वर्षा मुंगुटवार, डॉ. निधि पांडेय और डॉ. मंजू सिंह भी उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों और जनजागरूकता गतिविधियों की सराहना की।

विश्व एनेस्थीसिया दिवस पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने आम नागरिकों को जीवनरक्षक तकनीकों के प्रति जागरूक करने के साथ चिकित्सा विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण का अवसर प्रदान किया। आयोजन का प्रमुख संदेश रहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में सही समय पर दी गई प्राथमिक सहायता किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।