छत्तीसगढ़ में PC&PNDT, ART और सरोगेसी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

रायपुर के न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन में PC&PNDT, ART एवं सरोगेसी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय क्षमता निर्माण एवं संवेदीकरण प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में लिंग चयन पर रोक, केंद्रों के पंजीकरण, निरीक्षण, कानूनी प्रावधानों, प्रतिबंधित गतिविधियों और निगरानी व्यवस्था पर चर्चा हुई। कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों के जिला नोडल अधिकारियों और राज्य PC&PNDT टीम ने भाग लिया।

Oct 17, 2026 - 11:20
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छत्तीसगढ़ में PC&PNDT, ART और सरोगेसी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

UNITED NEWS OF ASIA. छत्तीसगढ़ में लिंग चयन पर प्रभावी रोक लगाने और सहायक प्रजनन तकनीकों के क्षेत्र में नैतिक प्रथाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रायपुर के न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन में राज्य स्तरीय क्षमता निर्माण एवं संवेदीकरण प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में PC&PNDT, ART एवं सरोगेसी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, कानूनी प्रावधानों की जानकारी और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश में इन अधिनियमों के पालन को मजबूत करना, संबंधित अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाना और कानून के उल्लंघन से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना था। कार्यशाला में प्रदेश के सभी जिलों के जिला नोडल अधिकारियों और राज्य PC&PNDT टीम के सदस्यों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में राज्य नोडल अधिकारी PC&PNDT, ART एवं सरोगेसी अधिनियम डॉ. शशिकांत स्वर्णकार ने छत्तीसगढ़ में PC&PNDT अधिनियम के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति और प्रशिक्षण के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने अधिनियम के प्रभावी पालन, निगरानी व्यवस्था और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर आवश्यक जानकारी साझा की।

कार्यशाला के दौरान समुचित प्राधिकारियों के लिए मानक संचालन दिशानिर्देशों पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें केंद्रों के पंजीकरण, निरीक्षण, तलाशी, जब्ती और सीलिंग की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इस सत्र के वक्ता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के PC&PNDT प्रभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. वैभव पाठक थे। उन्होंने संबंधित प्रक्रियाओं और निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुरूप कार्रवाई के महत्व को समझाया।

ART एवं सरोगेसी अधिनियम पर आयोजित सत्र में ART क्लीनिकों, ART बैंकों और सरोगेसी क्लीनिकों के पंजीकरण एवं विनियमन की प्रक्रिया पर चर्चा हुई। इसमें प्रतिबंधित प्रथाओं और कानून के अंतर्गत निर्धारित दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी दी गई। इस सत्र में भारत सरकार के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (DHR) की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रिचा सक्सेना ने विषय से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की।

PC&PNDT अधिनियम की बारीकियों पर आयोजित सत्र में कानून की विभिन्न धाराओं, सलाहकार समितियों की भूमिका, समुचित प्राधिकारियों की आचार संहिता और डिकॉय ऑपरेशन के संचालन से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस सत्र के वक्ता भारत सरकार के PC&PNDT प्रभाग के वरिष्ठ विधि सलाहकार कपिल निम थे। उन्होंने कानून के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रक्रियागत नियमों और अधिकारियों की जिम्मेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यशाला में मासिक रिपोर्टिंग, नियमित निरीक्षण और निगरानी व्यवस्था में समुचित प्राधिकारियों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही समूह चर्चा के माध्यम से प्रतिभागियों ने अधिनियमों के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए।

अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का समापन हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रदेश में लिंग चयन प्रतिषेध, संबंधित संस्थानों के नियमन और कानूनी प्रावधानों के प्रभावी पालन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।