बेमेतरा के किसानों को धान विक्रय के लिए मिलेगी ऑनलाइन टोकन सुविधा, 10 नवंबर से ‘तुहर टोकन’ ऐप पर होगा पंजीयन
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान विक्रय करने वाले किसानों को अब टोकन प्राप्त करने के लिए समितियों में लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं होगी। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा ‘तुहर टोकन’ मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन जारी किए जाएंगे। किसान 10 नवंबर 2026 से घर बैठे चौबीस घंटे टोकन प्राप्त कर सकेंगे। ऐप के जरिए निर्धारित खरीदी सीमा का सत्तर प्रतिशत टोकन जारी होगा, जबकि शेष तीस प्रतिशत टोकन समिति के माध्यम से दिए जाएंगे।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों के लिए राहत भरी खबर है। अब किसानों को धान बेचने के लिए टोकन प्राप्त करने के लिए समितियों में लंबी कतारों में खड़े होने की परेशानी से राहत मिलेगी। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा ‘तुहर टोकन’ मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन जारी करने की व्यवस्था की गई है। इसके जरिए किसान घर बैठे चौबीस घंटे अपनी सुविधा के अनुसार धान विक्रय के लिए टोकन प्राप्त कर सकेंगे।
विभाग के अनुसार, किसान दस नवंबर 2026 से इस मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर सकेंगे। ऐप पर ओटीपी आधारित पंजीयन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। ‘तुहर टोकन’ ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। किसान इसे अपने मोबाइल में डाउनलोड कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीयन कर सकते हैं और धान विक्रय के लिए ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकते हैं।
सत्तर प्रतिशत टोकन ऐप से और तीस प्रतिशत समिति से होंगे जारी
धान खरीदी केंद्रों में प्रतिदिन निर्धारित खरीदी सीमा के आधार पर टोकन जारी किए जाएंगे। विभाग द्वारा तय व्यवस्था के अनुसार, समिति की प्रतिदिन की धान खरीदी सीमा का सत्तर प्रतिशत टोकन ‘तुहर टोकन’ ऐप के माध्यम से जारी किया जाएगा। वहीं शेष तीस प्रतिशत टोकन संबंधित समिति के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य ऑनलाइन और समिति स्तर पर टोकन वितरण के बीच संतुलन बनाए रखना है, ताकि किसानों को सुविधा मिल सके।
ऐप के माध्यम से जारी होने वाले सत्तर प्रतिशत टोकन में भी किसानों की भूमि के आधार पर प्राथमिकता निर्धारित की गई है। इसके तहत अस्सी प्रतिशत टोकन लघु एवं सीमांत किसानों के लिए तथा बीस प्रतिशत टोकन दीर्घ किसानों के लिए निर्धारित रहेंगे। इससे छोटे और सीमांत किसानों को धान विक्रय के लिए टोकन प्राप्त करने में सुविधा देने का प्रयास किया गया है।
भूमि के रकबे के आधार पर मिलेंगे टोकन
विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, किसानों को उनकी भूमि के रकबे के आधार पर टोकन की संख्या निर्धारित की गई है। दो एकड़ तक भूमि वाले लघु एवं सीमांत किसानों को एक टोकन दिया जाएगा। दो एकड़ से अधिक और दस एकड़ तक भूमि वाले किसानों को दो टोकन मिल सकेंगे। वहीं दस एकड़ से अधिक भूमि वाले दीर्घ किसानों को तीन टोकन प्रदान किए जाएंगे।
पिछले वर्ष की तरह इस बार भी किसान ऐप में अपने द्वारा विक्रय की जाने वाली धान की मात्रा दर्ज कर टोकन प्राप्त कर सकेंगे। पात्रता के अनुसार दूसरे और तीसरे टोकन के माध्यम से शेष धान की मात्रा का विक्रय करने की सुविधा भी रहेगी। इससे किसानों को अपनी उपज चरणबद्ध तरीके से बेचने में मदद मिलेगी।
पंद्रह नवंबर से पंद्रह जनवरी तक के लिए मिलेंगे टोकन
‘तुहर टोकन’ मोबाइल ऐप के माध्यम से किसान दस नवंबर 2026 से टोकन प्राप्त कर सकेंगे। इसके अंतर्गत पंद्रह नवंबर 2026 से पंद्रह जनवरी 2027 तक की अवधि के लिए टोकन जारी किए जाएंगे। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते मोबाइल ऐप डाउनलोड कर लें और ओटीपी आधारित पंजीयन की प्रक्रिया पूरी करें।
ऑनलाइन टोकन सुविधा शुरू होने से किसानों को समिति पहुंचकर टोकन लेने की परेशानी कम होने की उम्मीद है। साथ ही घर बैठे चौबीस घंटे टोकन प्राप्त करने की सुविधा से समय की बचत होगी और धान विक्रय की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बन सकेगी। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने किसानों से ‘तुहर टोकन’ ऐप का उपयोग कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार धान विक्रय के लिए टोकन प्राप्त करने की अपील की है।