सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के परिणाम पर कांग्रेस के सवाल, चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठाए प्रश्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सब-इंस्पेक्टर एवं प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा 2024 के प्रारंभिक परीक्षा परिणाम को लेकर राज्य सरकार और लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि चयन सूची में सामने आए कुछ असामान्य नामों और पूर्व की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के कारण पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न हुआ है। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

Aug 7, 2026 - 17:23
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सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के परिणाम पर कांग्रेस के सवाल, चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठाए प्रश्न

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सब-इंस्पेक्टर एवं प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा 2024 के प्रारंभिक परीक्षा परिणाम को लेकर राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि परीक्षा परिणाम में सामने आए कुछ असामान्य नामों ने पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कांग्रेस का कहना है कि 12 जुलाई को घोषित प्रारंभिक परीक्षा परिणाम की चयन सूची में कुछ ऐसे नाम शामिल हैं, जिन्हें लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्तर पर चर्चा हो रही है। पार्टी का दावा है कि इन नामों के कारण अभ्यर्थियों के बीच परीक्षा प्रक्रिया को लेकर संदेह पैदा हुआ है। कांग्रेस ने मांग की है कि आयोग इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करे और यदि किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटि हुई है तो उसे सार्वजनिक रूप से बताया जाए।

सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों के दौरान आयोजित कई भर्ती और पदोन्नति परीक्षाओं को लेकर भी विवाद सामने आए हैं। उन्होंने एडीईओ भर्ती, वनरक्षक भर्ती, पुलिस आरक्षक भर्ती, आरआई पदोन्नति परीक्षा तथा अन्य चयन प्रक्रियाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों में भी समय-समय पर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। कांग्रेस का कहना है कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है ताकि अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल किया जा सके।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों का पालन नहीं हुआ। पार्टी का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के बजाय लगातार विवाद सामने आ रहे हैं, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकारी नौकरियों के लिए वर्षों तक तैयारी करने वाले युवाओं का भविष्य इन परीक्षाओं पर निर्भर करता है। ऐसे में यदि चयन प्रक्रिया पर संदेह उत्पन्न होता है तो इससे लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा प्रभावित होता है। उन्होंने मांग की कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस ने सरकार से यह भी आग्रह किया है कि भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। पार्टी का कहना है कि योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिलना चाहिए और भर्ती प्रक्रिया पर जनता का विश्वास कायम रहना चाहिए।

हालांकि, इस प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए आरोप कांग्रेस के हैं। इन आरोपों पर राज्य सरकार, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग या संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आई है। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगा।