एनालॉग पनीर मामले में कांग्रेस के सवाल, रेलवे स्टेशन पर जब्त खेप और कार्रवाई पर उठाए प्रश्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रतिबंधित एनालॉग पनीर के मामले में राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि रेलवे स्टेशन पर जब्त की गई पनीर की खेप के मामले में कार्रवाई पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पार्टी ने सरकार से जिम्मेदारों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई, खाद्य सुरक्षा विभाग में स्टाफ बढ़ाने और मिलावटी खाद्य पदार्थों पर सख्त अभियान चलाने की मांग की है।

Aug 7, 2026 - 16:58
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एनालॉग पनीर मामले में कांग्रेस के सवाल, रेलवे स्टेशन पर जब्त खेप और कार्रवाई पर उठाए प्रश्न

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रतिबंधित एनालॉग पनीर के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर कई सवाल उठाए हैं। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में एनालॉग पनीर के निर्माण और बिक्री को लेकर सरकार की कार्यवाही स्पष्ट और प्रभावी नहीं दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में रेलवे स्टेशन पर जब्त की गई पनीर की खेप के मामले में भी पूरी पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि यदि एनालॉग पनीर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना गया है और इस पर प्रतिबंध लगाया गया है, तो पहले इसके निर्माण के लिए लाइसेंस क्यों जारी किए गए। उनका कहना है कि यदि सरकार अब इसे प्रतिबंधित कर चुकी है, तो यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि पहले इसकी अनुमति किन परिस्थितियों में दी गई थी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रतिबंध के बावजूद बाजार में अब भी एनालॉग पनीर की बिक्री की शिकायतें सामने आ रही हैं। पार्टी का कहना है कि आम उपभोक्ताओं के लिए असली पनीर और एनालॉग पनीर में अंतर करना आसान नहीं होता। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि बाजार में प्रभावी निगरानी रखी जाए और प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री पूरी तरह रोकी जाए।

पार्टी ने खाद्य सुरक्षा विभाग में कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश के कई जिलों में फूड सेफ्टी ऑफिसर और फूड इंस्पेक्टर के पद रिक्त हैं, जिसके कारण खाद्य पदार्थों की नियमित जांच और निगरानी प्रभावित हो रही है। पार्टी ने सरकार से मांग की कि विभाग में रिक्त पदों को जल्द भरा जाए ताकि मिलावटी और प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि केवल खाद्य सुरक्षा विभाग ही नहीं, बल्कि अन्य संबंधित विभागों को भी एनालॉग पनीर और मिलावटी खाद्य सामग्री के खिलाफ अभियान में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाना चाहिए, ताकि उपभोक्ता ऐसे उत्पादों की पहचान कर सकें और उनसे बच सकें।

कांग्रेस ने स्वास्थ्य मंत्री से भी इस मामले में जवाब मांगा है। पार्टी का कहना है कि यदि प्रतिबंध लागू होने के बाद भी एनालॉग पनीर बाजार में बिक रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। साथ ही रेलवे स्टेशन पर जब्त की गई पनीर की खेप के स्रोत और उससे जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक कर निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

कांग्रेस ने मांग की है कि राज्य सरकार केवल एनालॉग पनीर ही नहीं, बल्कि अन्य मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करे। पार्टी का कहना है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में पारदर्शी जांच, पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति और कड़ी निगरानी व्यवस्था से ही उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।