रायपुर के WRS मैदान में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन, सत्य और धर्म की विजय का दिया संदेश

रायपुर के ऐतिहासिक डब्ल्यूआरएस मैदान में विजयादशमी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन कर प्रदेशवासियों को सत्य, धर्म, न्याय और मानवता के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के भगवान श्रीराम से गहरे सांस्कृतिक संबंध, श्रीरामलला दर्शन योजना और प्रदेश में शांति एवं विकास के संकल्प का भी उल्लेख किया।

Oct 21, 2026 - 10:39
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रायपुर के WRS मैदान में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन, सत्य और धर्म की विजय का दिया संदेश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक डब्ल्यूआरएस मैदान में विजयादशमी महोत्सव श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हजारों लोगों की उपस्थिति में धनुष-बाण से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया। कार्यक्रम स्थल पर प्रभु श्रीराम के जयकारों के बीच बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश गूंजा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल की कामना की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि विजयादशमी केवल बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, न्याय और मानवता के मार्ग पर अडिग रहने का शाश्वत संदेश देने वाला पर्व है। प्रभु श्रीराम का जीवन हमें सिखाता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। सही और गलत के बीच चुनाव करने का अवसर आने पर हमेशा सत्य, न्याय और मानवता के पक्ष में खड़ा होना चाहिए। यही व्यक्ति के चरित्र और संस्कारों की वास्तविक पहचान है।

उन्होंने कहा कि रायपुर का डब्ल्यूआरएस मैदान पांच दशकों से अधिक समय से विजयादशमी उत्सव की गौरवशाली परंपरा का साक्षी रहा है। यहां प्रतिवर्ष होने वाला रावण दहन भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। यह परंपरा नई पीढ़ी को भारतीय जीवन मूल्यों से जोड़ने और सांस्कृतिक चेतना को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

छत्तीसगढ़ का प्रभु श्रीराम से गहरा संबंध

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़वासियों के लिए विजयादशमी का विशेष महत्व है, क्योंकि यह धरती माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वनवास के दौरान भगवान श्रीराम ने माता सीता और भ्राता लक्ष्मण के साथ छत्तीसगढ़ के वनांचलों में समय बिताया था। यही कारण है कि भगवान श्रीराम छत्तीसगढ़ की लोकआस्था, संस्कृति और जनजीवन में गहराई से जुड़े हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रावण के पास अपार सैन्य शक्ति और विशाल सेना थी, जबकि प्रभु श्रीराम ने वनवासियों और वानर सेना को संगठित कर विजय प्राप्त की। यह प्रसंग बताता है कि बाहुबल और संसाधनों से बड़ी शक्ति सत्य, धर्म, दृढ़ संकल्प और सामूहिक प्रयास में होती है। रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन भी इस बात का प्रतीक है कि अधर्म का साथ देने वालों को अंततः उसके परिणामों का सामना करना पड़ता है।

आतंकवाद के विरुद्ध दृढ़ संकल्प और विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति का उल्लेख करते हुए ऑपरेशन सिंदूर को राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बस्तर सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा, विश्वास और विकास का वातावरण मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन

मुख्यमंत्री ने अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को भारत के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक इतिहास का ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने आचरण में उतारने, जरूरतमंदों का साथ देने, न्याय के पक्ष में खड़े होने और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने सत्य, सद्भाव, करुणा और मानवता के मार्ग पर चलते हुए शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने की अपील की।

कार्यक्रम को राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा और रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा, जयंती भाई पटेल, सूर्यकांत राठौर, आयोजन समिति के प्रमुख जी. स्वामी, नेशनल क्लब एवं आयोजन समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।