छोटेडोंगर में माँ दुर्गा का भव्य विसर्जन, नौ दिनों तक भक्ति और उत्साह में डूबा रहा पूरा क्षेत्र
नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर में शारदीय नवरात्रि के समापन पर माँ दुर्गा की प्रतिमा का भव्य विसर्जन किया गया। सुबह 8 बजे शुरू हुई विसर्जन यात्रा मुख्य मार्गों और गली-मोहल्लों से होते हुए माढ़ीन नदी तट पहुंची। डीजे की धुन पर थिरकते श्रद्धालुओं, घर-घर हुई आरती और माँ के जयकारों के बीच भक्तिमय माहौल देखने को मिला। नौ दिनों तक पूजा, आरती, भजन-कीर्तन और हवन के बाद श्रद्धालुओं ने भावुक मन से माँ को विदाई दी।
UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर l नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर में शारदीय नवरात्रि का समापन भक्ति, उत्साह और भावुक विदाई के बीच हुआ। नौ दिनों तक माँ दुर्गा की आराधना में डूबे रहे क्षेत्र में मंगलवार को प्रतिमा का भव्य विसर्जन किया गया। सुबह 8 बजे शुरू हुई विसर्जन यात्रा के दौरान मुख्य सड़कों और गली-मोहल्लों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। माँ के जयकारों और डीजे की धुन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
छोटेडोंगर के गजभारन स्थित पूजा पंडाल में स्थानीय दुर्गा पूजा समिति द्वारा माँ दुर्गा की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई थी। प्रतिमा की स्थापना विधि-विधान के साथ की गई थी। नवरात्रि के नौ दिनों तक पंडाल में सुबह-शाम आरती, भजन-कीर्तन और हवन सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और अन्य श्रद्धालु प्रतिदिन माँ के दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान मंदिरों में मनोकामना दीप प्रज्ज्वलित करने की परंपरा भी निभाई गई।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, छोटेडोंगर क्षेत्र में माँ दुर्गा के प्रति लोगों की गहरी आस्था है। नवरात्रि के दौरान माँ दंतेश्वरी मंदिर, शीतला मंदिर और दुर्गा मंदिर में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। पूरे पर्व के दौरान धार्मिक गतिविधियों और सामूहिक सहभागिता से क्षेत्र में उत्सव का माहौल रहा।
मंगलवार सुबह विशेष पूजा-अर्चना के बाद माँ दुर्गा की प्रतिमा को सजे हुए वाहन में विराजित कर विसर्जन यात्रा निकाली गई। यात्रा छोटेडोंगर के प्रमुख मार्गों और गली-मोहल्लों से होकर आगे बढ़ी। रास्ते में कई परिवारों ने अपने घरों के सामने माँ की आरती उतारी और फूल-अक्षत अर्पित कर विदाई दी। महिलाओं ने धूप-दीप से पूजा की, जबकि युवाओं और बच्चों ने डीजे की धुन पर नृत्य करते हुए उत्सव में भाग लिया। “जय माता दी” के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।
दोपहर बाद विसर्जन यात्रा माढ़ीन नदी तट पहुंची। यहां श्रद्धालुओं की मौजूदगी में विधि-विधान से पूजा-अर्चना, भोग और आरती की गई। इसके बाद माँ दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। विदाई के इस क्षण में कई श्रद्धालु भावुक नजर आए। भक्तों ने “माँ, अगले साल जल्दी आना” कहकर अगले नवरात्रि में फिर से माँ के आगमन की कामना की। समिति के सदस्यों और ग्रामीणों ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
विसर्जन यात्रा को व्यवस्थित बनाए रखने में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और दुर्गा पूजा समिति की भूमिका महत्वपूर्ण रही। यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस जवान तैनात रहे। समिति के कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सहयोग किया और पेयजल तथा प्रसाद की व्यवस्था संभाली।
स्थानीय ग्रामीण रोमनाथ मांझी ने बताया कि छोटेडोंगर में हर साल माँ दुर्गा का विसर्जन उत्साह के साथ किया जाता है, लेकिन इस वर्ष नौ दिनों तक पूरे क्षेत्र में विशेष भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला। समिति के अध्यक्ष ने भी श्रद्धालुओं के सहयोग को आयोजन की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।
नवरात्रि पर्व के समापन के साथ छोटेडोंगर में माँ दुर्गा की प्रतिमा को विदाई दी गई, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह बरकरार है। नौ दिनों तक चले धार्मिक आयोजनों ने क्षेत्र में एकता, सहयोग और भक्ति का संदेश दिया। अब श्रद्धालुओं को अगले वर्ष माँ दुर्गा के आगमन का इंतजार रहेगा।