ग्राम तुलसी (नेवरा) में धूमधाम से मनाया गया दशहरा पर्व, युवाओं और ग्रामीणों ने किया रावण दहन
तिल्दा-नेवरा के समीप ग्राम पंचायत तुलसी (नेवरा) में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गांव के युवाओं और ग्रामीणों ने सामूहिक सहभागिता से रावण दहन किया और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। आयोजन ने ग्रामीणों के बीच आपसी भाईचारे, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत किया।
UNITED NEWS OF ASIA. अशोक मिश्रा, तिल्दा नेवरा l छत्तीसगढ़ के तिल्दा-नेवरा के समीप स्थित ग्राम पंचायत तुलसी (नेवरा) में विजयादशमी एवं दशहरा का पर्व हर्षोल्लास, उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गांव के युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर रावण दहन का आयोजन किया। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े इस कार्यक्रम में ग्रामीणों की सामूहिक सहभागिता देखने को मिली। पूरे आयोजन के दौरान उत्सव का माहौल बना रहा।
दशहरा पर्व को लेकर गांव के लोगों में खासा उत्साह नजर आया। युवाओं ने कार्यक्रम की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाई, वहीं ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से आयोजन को सफल बनाया। विधि-विधान के साथ रावण दहन किया गया, जो बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने विजयादशमी के महत्व को समझते हुए सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
दशहरा भारतीय संस्कृति के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह पर्व भगवान श्रीराम की रावण पर विजय की स्मृति में मनाया जाता है और समाज को अन्याय, अहंकार तथा नकारात्मक प्रवृत्तियों के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देता है। धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ इस त्योहार का सामाजिक महत्व भी है, क्योंकि ऐसे आयोजन लोगों को एक मंच पर लाकर आपसी मेल-मिलाप और सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं।
ग्राम तुलसी (नेवरा) में आयोजित दशहरा उत्सव ने ग्रामीण संस्कृति और सामुदायिक एकता की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत की। गांव के युवाओं की सक्रिय भागीदारी से यह स्पष्ट हुआ कि नई पीढ़ी भी अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों ने आयोजन को यादगार बनाया और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया।
इस आयोजन के माध्यम से ग्रामीणों ने यह संदेश दिया कि धार्मिक और सामाजिक परंपराओं को सामूहिक सहयोग, सद्भाव और एकजुटता के साथ आगे बढ़ाया जा सकता है। ग्राम तुलसी (नेवरा) में धूमधाम से मनाया गया दशहरा पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि गांव की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता का भी उदाहरण प्रस्तुत किया। विजयादशमी का यह उत्सव ग्रामीणों के लिए खुशियां, सकारात्मकता और सद्भाव का संदेश लेकर आया।