भाजपा सरकार में महंगाई से जनता परेशान, बस किराया वृद्धि पर प्रमोद कुंजाम ने जताया विरोध
छत्तीसगढ़ में बस किराया बढ़ाए जाने को लेकर आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश सचिव एवं जनपद सदस्य प्रमोद कुंजाम ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल, गैस, बिजली और खाद्य सामग्री की महंगाई से परेशान आम जनता पर बस किराया बढ़ाकर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया गया है। उन्होंने नगरी से धमतरी और रायपुर के बढ़े किराए का हवाला देते हुए सरकार से किराया वृद्धि वापस लेने की मांग की।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l छत्तीसगढ़ में बस किराया बढ़ाए जाने को लेकर राजनीतिक विरोध शुरू हो गया है। आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश सचिव एवं जनपद सदस्य प्रमोद कुंजाम ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में लगातार बढ़ती महंगाई से आम नागरिक पहले ही परेशान हैं। पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, बिजली और खाद्य सामग्रियों की बढ़ती कीमतों के बीच अब आम यात्रियों के सफर को भी महंगा कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता को राहत देने के बजाय उसकी जेब पर लगातार आर्थिक बोझ डाल रही है।
प्रमोद कुंजाम ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बस किराए की नई दरें लागू किए जाने से रोजाना यात्रा करने वाले मजदूरों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और इलाज के लिए दूसरे शहरों में जाने वाले लोगों पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने इसे आम जनता के हितों के खिलाफ बताते हुए कहा कि महंगाई के इस दौर में परिवहन खर्च बढ़ना लोगों की मुश्किलों को और बढ़ाएगा।
उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग की 8 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना के अनुसार नई किराया दरें राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से लागू की गई हैं। निर्धारित दरों के मुताबिक साधारण बस में शुरुआती पांच किलोमीटर के लिए 10 रुपये और उसके बाद 1.75 रुपये प्रति किलोमीटर किराया तय किया गया है। वहीं, डीलक्स बस में शुरुआती पांच किलोमीटर के लिए 12 रुपये और उसके बाद 2.20 रुपये प्रति किलोमीटर की दर निर्धारित की गई है। सुपर लग्जरी बसों में शुरुआती पांच किलोमीटर के लिए 12 रुपये तथा उसके बाद 3.30 रुपये प्रति किलोमीटर किराया तय किए जाने की जानकारी दी गई है।
प्रमोद कुंजाम के अनुसार, नगरी से धमतरी जाने वाले यात्रियों को पहले 80 रुपये किराया देना पड़ता था, जो अब बढ़कर 120 रुपये बताया जा रहा है। इसी तरह नगरी से रायपुर का किराया पहले 180 रुपये था, जो अब 250 रुपये हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि रात्रिकालीन बस सेवाओं में निर्धारित किराए से 10 प्रतिशत अतिरिक्त राशि वसूली जाएगी।
उन्होंने कहा कि नगरी, धमतरी और रायपुर के बीच रोजाना बड़ी संख्या में लोग कामकाज, पढ़ाई, रोजगार और इलाज के लिए आवागमन करते हैं। ऐसे में किराए में बढ़ोतरी का असर सीधे उनके मासिक बजट पर पड़ेगा। खासकर कम आय वाले परिवारों, मजदूरों और विद्यार्थियों के लिए यात्रा का खर्च उठाना पहले से ज्यादा मुश्किल हो जाएगा।
प्रमोद कुंजाम ने भाजपा सरकार से मांग की कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए बस किराया वृद्धि के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए और बढ़ी हुई दरों को वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को आम जनता की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए ऐसे फैसले लेने चाहिए, जिससे लोगों को राहत मिले, न कि उनकी परेशानियां बढ़ें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आम यात्रियों पर बढ़ते आर्थिक बोझ के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा। अब देखना होगा कि राज्य सरकार बस किराया वृद्धि को लेकर यात्रियों की चिंताओं और विपक्ष की मांग पर क्या कदम उठाती है।