सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी का व्यापक माध्यम बनाने के निर्देश, मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स को दिए दिशा-निर्देश
छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान की मुख्य सचिव विकासशील ने कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा की। उन्होंने अभियान को केवल आयोजन तक सीमित न रखकर जनभागीदारी, सेवा भावना और सामाजिक सहयोग का व्यापक माध्यम बनाने के निर्देश दिए। 23 से 25 सितंबर और 2 से 8 अक्टूबर तक सेवा मेरा योगदान के तहत विभिन्न गतिविधियां होंगी। साथ ही सेवा सेतु शिविरों में आवेदनों के समयबद्ध निराकरण, 26 प्रमुख योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभ, 10 हजार पौधों के रोपण, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, दान उत्सव और जल जीवन मिशन की नियमित समीक्षा पर जोर दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित किए जा रहे सेवा संकल्प अभियान की मुख्य सचिव विकासशील ने सोमवार को सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा की। मंत्रालय महानदी भवन से हुई इस बैठक में अभियान के तहत संचालित गतिविधियों, आगामी कार्यक्रमों और विभिन्न शासकीय योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। कबीरधाम जिले से कलेक्टर तुलिका प्रजापति वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल हुईं और जिले में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी।
मुख्य सचिव ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान को केवल एक आयोजन के रूप में नहीं देखा जाए, बल्कि इसे जनभागीदारी और एक-दूसरे की मदद की संस्कृति को मजबूत करने के अवसर के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कलेक्टरों और अधिकारियों को अभियान की गतिविधियों में अधिक से अधिक नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न सहयोगी समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ब्लॉक और तहसील स्तर पर आयोजित होने वाले शिविरों में लोगों को सहभागी बनाकर उनकी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करने पर भी जोर दिया गया।
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने केंद्र शासन की चिन्हित 26 प्रमुख योजनाओं को सेवा संकल्प अभियान से जुड़े शिविरों में शामिल करने के निर्देश दिए। इसके लिए पात्र हितग्राहियों की जानकारी अद्यतन रखने और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने को कहा गया। उन्होंने फसल गिरदावरी सर्वे में शुद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए तहसीलदारों और पटवारियों के कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।
23 से 25 सितंबर तक सभी जिलों के नगरीय निकाय क्षेत्रों में तथा 2 से 8 अक्टूबर तक प्रदेशभर में सेवा मेरा योगदान के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें स्वच्छता, अन्न एवं वस्त्र दान, विद्या दान, शिक्षा सहयोग, कौशल एवं ज्ञान दान, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य एवं रक्तदान, अंगदान एवं देहदान, सामाजिक सुरक्षा, स्थानीय उत्पादन और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी गतिविधियां शामिल होंगी। इनमें एनसीसी, एनएसएस, स्वयंसेवकों, स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संस्थाओं और युवा संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
हरित छत्तीसगढ़ अभियान के तहत एक पेड़ मां के नाम पहल के साथ स्थानीय प्रजातियों के 10 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य सचिव ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं सेवा संकल्प एवं दान उत्सव के दौरान जल संरक्षण, जल स्रोतों की सफाई, प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता, महा रक्तदान, निशुल्क स्वास्थ्य जांच, महा अन्नदान, गरिमा किट वितरण, बुक ट्री और जरूरतमंद बच्चों के लिए शिक्षा सहयोग जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
मुख्य सचिव ने अंगदान और देहदान करने वाले परिवारों को सम्मानित करने तथा अंगदान से लाभान्वित परिवारों को भी कार्यक्रमों में शामिल करने की बात कही। उन्होंने सेवा सेतु शिविरों में प्राप्त आवेदनों का व्यवस्थित परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी से संबंधित लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा करने को कहा गया।
जल जीवन मिशन के तहत 15 अक्टूबर तक नल कनेक्शन और उन्हें क्रियाशील करने के लक्ष्यों की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए गए। उप अभियंताओं की कमी होने पर अन्य निर्माण विभागों के अधिकारियों की सेवाएं लेने तथा कलेक्टरों को साप्ताहिक समीक्षा करने को कहा गया। स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों और रिपोर्टिंग व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को जिले का नेतृत्व करते हुए सभी अभियानों को परिणाम आधारित बनाने और गतिविधियों की जानकारी गूगल शीट में व्यवस्थित रूप से दर्ज करने को कहा। बैठक में अविनाश चम्पावत, अंकित आनंद, रजत बंसल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, संभागायुक्त, कलेक्टर और जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।