सेवा संकल्प अभियान: शामपुर और मारागांव संकुल के 113 बच्चों को मिले जाति प्रमाण पत्र

कोंडागांव जिले में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में शामपुर और मारागांव संकुल के 113 बच्चों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक लता उसेंडी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित शिविर में शिक्षा विभाग ने प्रमाण पत्र वितरित किए। इस पहल से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी। अभियान के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण और शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

Oct 11, 2026 - 18:11
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सेवा संकल्प अभियान: शामपुर और मारागांव संकुल के 113 बच्चों को मिले जाति प्रमाण पत्र

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोण्डागांव l छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण और उनकी मांगों के समाधान के लिए सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से शासन-प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास कर रहा है। अभियान का उद्देश्य शासकीय सेवाओं को आमजन के लिए सुलभ बनाना और स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को आसान बनाना है।

इसी क्रम में कोंडागांव जिले के शामपुर में सेवा सेतु अभियान के तहत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक लता उसेंडी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस शिविर में शिक्षा विभाग की ओर से शामपुर एवं मारागांव संकुल के कुल 113 बच्चों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस पहल से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को आवश्यक शासकीय दस्तावेज प्राप्त करने में सुविधा मिली है।

जाति प्रमाण पत्र विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसके उपलब्ध होने से बच्चों को शैक्षणिक कार्यों और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने में सहायता मिल सकती है। पात्रतानुसार मिलने वाली शैक्षणिक सुविधाओं और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की प्रक्रिया में भी यह प्रमाण पत्र उपयोगी साबित हो सकता है। शिविर के माध्यम से बच्चों को प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना ग्रामीण परिवारों के लिए महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों का उद्देश्य केवल दस्तावेजों का वितरण करना ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों की जरूरतों और समस्याओं को समझकर उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई करना भी है। इन शिविरों में ग्रामीणों को अपनी शिकायतें, आवश्यकताएं और मांगें सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है। इससे लोगों को अपनी समस्याओं के लिए संबंधित विभागों तक पहुंचने में सुविधा मिलती है।

विभिन्न विभागों की सहभागिता से एक ही स्थान पर शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी कम करने और समस्याओं के निराकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद मिल सकती है। साथ ही, पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और प्रशासनिक सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

सेवा संकल्प अभियान शासन की जनहितकारी पहल के रूप में ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम बन रहा है। इसके जरिए स्थानीय जरूरतों के अनुरूप समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने को प्राथमिकता दी जा रही है। शामपुर एवं मारागांव संकुल के 113 बच्चों को जाति प्रमाण पत्र का वितरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध हुए हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों को गति मिली है।