सेवा संकल्प अभियान: शामपुर में मत्स्य हितग्राहियों को वितरित किए गए मछली पकड़ने के जाल
कोंडागांव जिले के माकड़ी विकासखंड अंतर्गत ग्राम शामपुर में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में मत्स्य हितग्राहियों को जाल वितरित कर लाभान्वित किया गया। बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक लता उसेंडी और कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना की उपस्थिति में पंजीकृत मछुआ सहकारी समिति मर्यादित केरावाही को मत्स्याखेट के लिए महाजाल प्रदान किया गया। वहीं, निजी तालाबों से मछली निकालने की सुविधा के लिए दो हितग्राहियों को भी जाल वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य मत्स्य पालकों की आजीविका मजबूत करना और उनकी आय बढ़ाने में सहायता करना है।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोण्डागांव l छत्तीसगढ़ शासन के सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण और पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्थानों पर जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कोंडागांव जिले के माकड़ी विकासखंड अंतर्गत ग्राम शामपुर में आयोजित शिविर में मत्स्य पालन विभाग द्वारा मत्स्य हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इस पहल का उद्देश्य मछुआ सहकारी समितियों और मत्स्य पालकों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर उनकी आजीविका को मजबूत करना तथा आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है।
शामपुर में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक लता उसेंडी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना भी विशेष रूप से शामिल हुईं। अतिथियों के हाथों मत्स्य पालन विभाग, जिला कोंडागांव की ओर से पात्र हितग्राहियों को मछली पकड़ने और तालाबों से मछली निकालने के लिए जाल वितरित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान जिले की पंजीकृत मछुआ सहकारी समिति मर्यादित केरावाही को मत्स्याखेट के लिए महाजाल प्रदान किया गया। इसके साथ ही निजी क्षेत्र में निर्मित तालाबों से मछली निकालने की सुविधा के लिए दो हितग्राहियों को जाल वितरित कर लाभान्वित किया गया। इन संसाधनों के मिलने से संबंधित हितग्राहियों को मत्स्याखेट और मछली निकासी के कार्यों में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
मत्स्य पालन ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका और आय का एक महत्वपूर्ण साधन है। मछुआ सहकारी समितियों और व्यक्तिगत मत्स्य पालकों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध होने से उनके कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने में मदद मिल सकती है। जाल वितरण से मछली पकड़ने और तालाबों से मछली निकालने की प्रक्रिया आसान बनाने के साथ मत्स्य व्यवसाय की उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायता मिलने की संभावना है। इससे हितग्राहियों को अपने व्यवसाय को बेहतर तरीके से संचालित करने और आय बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं।
मत्स्य पालन विभाग द्वारा संचालित शासकीय योजनाओं के माध्यम से मछुआ सहकारी समितियों और मत्स्य पालकों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को प्रोत्साहित करना, उनके कामकाज में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को कम करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम बन रहे हैं। इन शिविरों के जरिए पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
शामपुर में मत्स्य हितग्राहियों को जाल वितरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। शासन की योजनाओं के माध्यम से आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने से मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने और आजीविका सुदृढ़ करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।