रायपुर में 27 से 29 अक्टूबर तक होगी श्री गीता ज्ञान अमृत वर्षा कथा, 30 अक्टूबर को भव्य हवन

राजधानी रायपुर के अश्वनी नगर स्थित सोनकर मैरिज पैलेस में 27 से 29 अक्टूबर तक तीन दिवसीय श्री गीता ज्ञान अमृत वर्षा कथा का आयोजन किया जाएगा। प्रयागराज से पधार रहे श्री संकर्षण शरण जी (गुरुजी) श्रद्धालुओं को श्रीमद्भगवद्गीता के कर्म, धर्म, भक्ति और कर्तव्य से जुड़े संदेश सुनाएंगे। कथा के समापन के अगले दिन 30 अक्टूबर को सुबह 7 बजे भव्य हवन आयोजित होगा। आयोजनकर्ताओं ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।

Oct 27, 2026 - 10:52
 0  3
रायपुर में 27 से 29 अक्टूबर तक होगी श्री गीता ज्ञान अमृत वर्षा कथा, 30 अक्टूबर को भव्य हवन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर में कार्तिक माह के पावन अवसर पर श्री गीता ज्ञान अमृत वर्षा कथा का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं को श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य ज्ञान, कर्म, धर्म, भक्ति और कर्तव्य से जुड़े संदेश सुनने का अवसर मिलेगा। आयोजन 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। कथा के समापन के अगले दिन 30 अक्टूबर को सुबह 7 बजे भव्य हवन का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम रायपुर के अश्वनी नगर स्थित सोनकर मैरिज पैलेस में संपन्न होगा।

प्रयागराज से पधार रहे परम पूज्य श्री संकर्षण शरण जी (गुरुजी) अपने प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेशों से परिचित कराएंगे। कथा में श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि श्रद्धालु इन संदेशों को अपने दैनिक जीवन में अपनाकर सकारात्मक सोच, कर्तव्यनिष्ठा और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत कर सकें।

आयोजनकर्ताओं के अनुसार, श्री गीता ज्ञान अमृत वर्षा कथा का उद्देश्य भारतीय सनातन संस्कृति, जीवन मूल्यों और गीता की कालजयी शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाना है। कार्तिक माह में आयोजित इस कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को सत्संग, आध्यात्मिक चिंतन और प्रभु भक्ति से जुड़ने का अवसर मिलेगा। धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजनकर्ता नमिता पात्रा एवं मां कामाख्या धर्मादा ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने धर्मप्रेमी नागरिकों से कथा श्रवण करने और कार्यक्रम में सहभागी बनने की अपील की है।

श्री संकर्षण शरण जी का आध्यात्मिक परिचय

श्री संकर्षण शरण जी (गुरुजी) मां कामाख्या के उपासक और दस महाविद्याओं के साधक के रूप में अपनी आध्यात्मिक पहचान रखते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वे रामायण, श्रीमद्भगवद्गीता, श्रीमद्भागवत महापुराण और शिव पुराण सहित विभिन्न धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन एवं उनके संदेशों के प्रचार-प्रसार से जुड़े हैं। उनका जन्म बिहार के सासाराम के निकट ग्राम बेरुकही में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा गांव में प्राप्त करने के बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई प्रयागराज में की। विद्यार्थी जीवन से ही उनकी रुचि धर्म, अध्यात्म और साधना में रही।

वर्तमान में गुरुजी का निवास उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित नैनी में है। वे गृहस्थ जीवन का निर्वहन करते हुए आध्यात्मिक साधना और धर्म के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। उनके अनुयायी मां भगवती के प्रति उनकी श्रद्धा और आध्यात्मिक मार्गदर्शन को महत्व देते हैं।

धार्मिक गतिविधियों के साथ जनसेवा पर जोर

प्रेस नोट में दी गई जानकारी के अनुसार, गुरुजी के मार्गदर्शन में मां कामाख्या जन कल्याण सेवा संस्थान और मां कामाख्या धर्मादा ट्रस्ट के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक, धार्मिक और जनकल्याणकारी गतिविधियां संचालित की जाती हैं। संस्था द्वारा जरूरतमंदों की सहायता, निःशुल्क शिक्षा, गरीब कन्याओं के विवाह में सहयोग, भोजन एवं वस्त्र वितरण तथा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों जैसे कार्य किए जाते हैं।

इसके साथ ही वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, भजन, सुंदरकांड पाठ और धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक एवं आध्यात्मिक चेतना को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाता है। संस्था का उद्देश्य सेवा, सहयोग और संस्कार की भावना को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाना बताया गया है।

रायपुर में आयोजित होने वाली श्री गीता ज्ञान अमृत वर्षा कथा धर्म, अध्यात्म और जनसेवा से जुड़े इन प्रयासों की कड़ी के रूप में आयोजित की जा रही है। श्रद्धालु 27 से 29 अक्टूबर तक कथा में शामिल हो सकेंगे, जबकि 30 अक्टूबर को सुबह 7 बजे भव्य हवन के साथ धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होगा।