OTS से बकाया संपत्तिकर समाधान, एमआईसी बैठक में कई अहम फैसले; एम्स परिजनों के लिए बनेगा पेइंग गेस्ट हाउस
रायपुर नगर निगम मुख्यालय में महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता में एमआईसी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में बकाया संपत्तिकर के समाधान के लिए OTS योजना लागू करने, ब्याज-अधिभार में नियमानुसार छूट, अवैध एवं मिसिंग नल कनेक्शनों के नियमितीकरण, भाटागांव सब्जी व्यापारियों के मामले में अधिकारियों से जवाब, अमृत विहार शीतला तालाब के जीर्णोद्धार, स्ट्रीट फूड हब, गारमेंट फैक्ट्री के पुनर्जीवन, दिव्यांग समावेशी पार्क और एम्स के मरीजों के परिजनों के लिए पेइंग गेस्ट हाउस सहित कई प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर नगर निगम मुख्यालय में महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता में मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर के विकास, नागरिक सुविधाओं, राजस्व व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, रोजगार, महिला एवं दिव्यांगजन सुविधाओं तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा कर निर्णय लिए गए।
बैठक में बकाया संपत्तिकर के मामलों के समाधान के लिए वन टाइम सेटलमेंट यानी OTS योजना लागू करने का निर्णय लिया गया। नगर निगम क्षेत्र में लगभग 3.50 लाख पंजीकृत संपत्तियां हैं, जिनमें करीब 2.50 लाख संपत्तियों द्वारा नियमित रूप से संपत्तिकर जमा किया जा रहा है। शेष बकाया मामलों में निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान करने वाले करदाताओं को नियमानुसार ब्याज और अधिभार में छूट देने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
महापौर मीनल चौबे ने कहा कि राजस्व व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है, लेकिन करदाताओं को नियमों के तहत राहत और सुविधा देना भी निगम की जिम्मेदारी है। बैठक में अवैध एवं मिसिंग नल कनेक्शनों के नियमितीकरण को भी आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। पात्र आवासीय और व्यावसायिक कनेक्शनों को निर्धारित शुल्क के आधार पर वैध कर Property Tax ID से लिंक करने की प्रक्रिया प्रस्तावित है।
भाटागांव में सब्जी व्यापारियों से जुड़े मामले को लेकर महापौर ने अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को नागरिकों और व्यापारियों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतने तथा किसी भी कार्रवाई से पहले निर्धारित प्रक्रिया और जनहित का ध्यान रखने के निर्देश दिए। संपत्ति पुनर्मूल्यांकन के नोटिस और यूजर चार्ज पर ब्याज वसूली के संबंध में भी अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया।
शहर के विकास के तहत कलेक्टोरेट चौक का नाम भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक करने, सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा की स्थापना एवं सौंदर्यीकरण और विभिन्न मार्गों, चौक तथा उद्यानों के विकास से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। अमृत मिशन 2.0 के अंतर्गत अमृत विहार शीतला तालाब के जीर्णोद्धार के लिए 4.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
रोजगार को बढ़ावा देने के लिए महादेवघाट स्थित विसर्जन कुंड में करीब 198.80 लाख रुपये की लागत से स्ट्रीट फूड हब विकसित करने का निर्णय लिया गया। वहीं मोवा स्थित गारमेंट फैक्ट्री के पुनर्जीवन और आधुनिकीकरण के लिए लगभग 1.90 करोड़ रुपये के PPP मॉडल प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे करीब 500 रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में दिव्यांग समावेशी पार्क के निर्माण के लिए लगभग 9.99 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इसके अलावा एम्स रायपुर के पास मरीजों के परिजनों के लिए पेइंग गेस्ट हाउस विकसित करने की योजना को भी स्वीकृति मिली। इसका उद्देश्य बाहर से इलाज के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों को सुरक्षित, स्वच्छ और किफायती आवास उपलब्ध कराना है।
सामाजिक सुरक्षा एवं परिवार सहायता योजनाओं के 268 पात्र प्रकरणों को भी मंजूरी दी गई। इनमें सामाजिक सुरक्षा और पेंशन के 183 तथा राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के 85 प्रकरण शामिल हैं। बैठक में महापौर ने कहा कि रायपुर के विकास के साथ नागरिक सुविधाओं का विस्तार और जरूरतमंद वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना नगर निगम की प्राथमिकता है।