रायपुर में हज़रत इमाम हुसैन के चालीसवें पर निकला विशाल मातमी जुलूस, बारिश में भी अकीदतमंदों ने किया मातम

रायपुर के मोमिनपारा से हज़रत इमाम हुसैन के चालीसवें (चेहलुम) पर विशाल मातमी जुलूस निकाला गया। बरसते पानी के बीच अकीदतमंदों ने मातम कर इमाम हुसैन को श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूस में ताज़िए, अलम, नौहाख्वानी और जगह-जगह सबील व तबर्रूक की व्यवस्था रही।

Aug 5, 2026 - 13:16
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रायपुर में हज़रत इमाम हुसैन के चालीसवें पर निकला विशाल मातमी जुलूस, बारिश में भी अकीदतमंदों ने किया मातम

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर में हज़रत इमाम हुसैन के चालीसवें (चेहलुम) के अवसर पर हैदरी मस्जिद ट्रस्ट, मोमिनपारा द्वारा मंगलवार को विशाल मातमी जुलूस निकाला गया। बरसते बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में अकीदतमंद जुलूस में शामिल हुए और मातम कर कर्बला के शहीदों, विशेषकर हज़रत इमाम हुसैन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

हैदरी मस्जिद ट्रस्ट के मुतवल्ली हैदर अली ने बताया कि परंपरागत रूप से दोपहर 2:30 बजे मोमिनपारा स्थित हैदरी मस्जिद से मातमी जुलूस प्रारंभ हुआ। यह जुलूस हांडीपारा, आज़ाद चौक, आमापारा, विवेकानंद आश्रम, राजकुमार कॉलेज और जी.ई. रोड होते हुए देर रात ऐतिहासिक करबला तालाब पहुंचकर संपन्न हुआ।

जुलूस से पूर्व सुबह से ही मोमिनपारा में विभिन्न स्थानों पर हज़रत इमाम हुसैन की याद में नज़र-ओ-नियाज़ का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं के बीच तबर्रूक वितरित किया गया और दोपहर तक धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला चलता रहा। जुलूस की शुरुआत इमाम हुसैन की शहादत पर आधारित दर्दभरे मरसियों से हुई, जिसने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।

मातमी जुलूस में काले वस्त्र धारण किए हुए बड़ी संख्या में मातमदार शामिल हुए। अकीदतमंदों ने नौहाख्वानी और सीना-ज़नी के माध्यम से कर्बला की कुर्बानी को याद किया। जुलूस में शामिल कलात्मक ताज़िए और अलम-ए-मुबारक श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने। अंजुमने अकबरिया, अंजुमने इमामिया और हुसैनी ग्रुप के नौहाख्वानों ने पारंपरिक नौहे पेश कर माहौल को गमगीन बना दिया।

मार्ग के विभिन्न स्थानों पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों की ओर से सबील, शरबत, ठंडा पानी, तबर्रूक, फल एवं प्रसाद का वितरण किया गया। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और पूरे मार्ग में धार्मिक आस्था एवं अनुशासन का वातावरण बना रहा।

जुलूस के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर निगम द्वारा सुरक्षा, यातायात नियंत्रण तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

हैदरी मस्जिद ट्रस्ट ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सभी पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों, अंजुमनों, स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। ट्रस्ट ने कहा कि चेहलुम का यह आयोजन हज़रत इमाम हुसैन के त्याग, सत्य, न्याय और मानवता के संदेश को समाज तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होकर कर्बला की अमर कुर्बानी को श्रद्धापूर्वक याद करते हैं।