रायगढ़ में बिजली ट्रिपिंग की शिकायतों के बीच 185 सदस्यों वाला WhatsApp ग्रुप डिलीट, उपभोक्ताओं ने उठाए सवाल

रायगढ़ जिले में लगातार बिजली ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज, हाई-वोल्टेज और वायर ब्रेकिंग की समस्याओं को लेकर हाई टेंशन उपभोक्ताओं में नाराजगी की बात सामने आई है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि शिकायतों के लिए बनाया गया करीब 185 सदस्यों वाला एचटी कंज्यूमर WhatsApp ग्रुप डिलीट कर दिया गया। उपभोक्ताओं का दावा है कि बार-बार बिजली की आवाजाही से उपकरणों और उत्पादन को नुकसान हो रहा है। वहीं 1912 टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने में लंबा इंतजार होने का भी आरोप लगाया गया है। बिजली विभाग का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है।

Sep 30, 2026 - 11:18
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रायगढ़ में बिजली ट्रिपिंग की शिकायतों के बीच 185 सदस्यों वाला WhatsApp ग्रुप डिलीट, उपभोक्ताओं ने उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l रायगढ़ जिले में बिजली की लगातार ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज, हाई-वोल्टेज और बिजली के तार टूटने जैसी समस्याओं को लेकर हाई टेंशन उपभोक्ताओं की नाराजगी सामने आई है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विद्युत संबंधी शिकायतों को विभाग तक पहुंचाने के लिए बनाए गए करीब 185 सदस्यों वाले एचटी कंज्यूमर WhatsApp ग्रुप को ही डिलीट कर दिया गया। इसको लेकर उपभोक्ताओं के बीच कई सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, हाई टेंशन उपभोक्ता इस WhatsApp ग्रुप के माध्यम से हाई-वोल्टेज, लो-वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग, बिजली के तार टूटने सहित अन्य समस्याओं की जानकारी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंचाते थे। उपभोक्ताओं का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद विभागीय स्तर पर समस्याओं के निराकरण का प्रयास भी किया जाता था।

हालांकि, पिछले कुछ दिनों में बिजली की बार-बार आवाजाही और ट्रिपिंग को लेकर उपभोक्ताओं की नाराजगी बढ़ने की बात सामने आई है। औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं का दावा है कि बार-बार बिजली बाधित होने और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव के कारण विद्युत उपकरणों और मोटरों के खराब होने की घटनाएं बढ़ी हैं। इसका असर उत्पादन पर पड़ने और आर्थिक नुकसान होने का भी दावा किया गया है।

उपभोक्ताओं के अनुसार, लगातार बढ़ रही समस्याओं को लेकर उन्होंने WhatsApp ग्रुप में विभाग के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की और बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग रखी। इसके बाद कुछ समय बाद ग्रुप डिलीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। उपभोक्ताओं का सवाल है कि शिकायतों का समाधान करने के बजाय शिकायत दर्ज कराने के माध्यम को ही क्यों बंद किया गया।

उपभोक्ताओं का कहना है कि ग्रुप उनके लिए विभाग तक तत्काल शिकायत पहुंचाने का एक माध्यम था। उनका आरोप है कि बार-बार ट्रिपिंग के कारण उन्हें लाखों रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में उनका कहना है कि बिजली व्यवस्था में सुधार और शिकायतों के त्वरित निराकरण पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

कोड़ातराई क्षेत्र को लेकर भी उपभोक्ताओं ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बिजली बिल की अंतिम तिथि से जुड़ी जानकारी समय पर भेजी जाती है, लेकिन बिजली संबंधी गंभीर शिकायत दर्ज कराने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

उपभोक्ताओं ने 1912 टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने को लेकर भी असुविधा का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शिकायत के लिए फोन करने पर लंबे समय तक क्यू में रहना पड़ता है और कई बार करीब आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ता है।

बिजली व्यवस्था को लेकर नाराज उपभोक्ताओं ने कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और बिजली विभाग का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है।

185 सदस्यों वाले WhatsApp ग्रुप के डिलीट होने के बाद अब सवाल यह है कि उपभोक्ताओं के लिए शिकायत दर्ज कराने की वैकल्पिक व्यवस्था क्या है, ट्रिपिंग से कथित नुकसान की शिकायतों पर क्या कार्रवाई होगी और 1912 सेवा से जुड़ी समस्याओं का समाधान कैसे किया जाएगा। इन सवालों पर बिजली विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।