बैठक के दौरान इंस्पायर अवार्ड मानक, एमबीयू, आधार और अपार आईडी जनरेशन की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अलावा निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकों की आपूर्ति, वितरण और पोर्टल पर ऑनलाइन एंट्री की प्रगति की जानकारी ली गई। विद्यार्थियों के जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्र तथा छात्रवृत्ति से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई।
सहायक संचालक यूआर चन्द्राकर और निलेश चन्द्रवंशी ने संबंधित कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए संस्था प्रमुखों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में विद्यालय स्तर पर विभिन्न योजनाओं से संबंधित प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने और विद्यार्थियों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन को लेकर सहायक संचालक एमके गुप्ता ने भी संस्था प्रमुखों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने ब्लू प्रिंट, क्वेश्चन बैंक, शैक्षिक कैलेंडर और बोर्ड परीक्षा की तैयारी सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने विद्यालयों में परीक्षा की तैयारी को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने और शैक्षणिक कार्ययोजना के अनुरूप तैयारी करने पर जोर दिया।
बैठक में एमआईएस प्रशासक सतीश कुमार यदु ने निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत विद्यालय और नोडल प्राचार्य स्तर पर किए जाने वाले कार्यों की समय-सारिणी को लेकर जानकारी दी। उन्होंने संबंधित प्रक्रियाओं और आवश्यक कार्यवाही के संबंध में संस्था प्रमुखों को मार्गदर्शन प्रदान किया।
शैक्षिक गुणवत्ता उन्नयन के दृष्टिकोण से प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के बुनियादी भाषा कौशल पर भी विशेष चर्चा की गई। इसमें पहाड़ा, बारहखड़ी, सुलेख, अनुलेखन और श्रुतलेखन के नियमित अभ्यास पर जोर दिया गया। विद्यार्थियों में द्रुत गति और त्रुटिहीन उच्चारण के साथ हिंदी एवं अंग्रेजी भाषा का धारा प्रवाह वाचन विकसित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
बैठक में अधिकारियों ने विद्यालयों में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के साथ-साथ विभिन्न दस्तावेज और योजनाओं से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करने की आवश्यकता बताई। आधार और अपार आईडी जनरेशन जैसे कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा के साथ पोर्टल पर आवश्यक ऑनलाइन एंट्री को भी समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकों की उपलब्धता और उनके वितरण से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों तक समय पर पाठ्य सामग्री पहुंचाने पर भी चर्चा की गई। छात्रवृत्ति और प्रमाण पत्रों से जुड़े कार्यों में भी समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य अशासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के साथ विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं और विद्यार्थी हित से जुड़े कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करना रहा। अधिकारियों ने संस्था प्रमुखों को निर्धारित कार्यों को समय पर पूरा करने और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए।