कार्यक्रम में जल संसाधन उपसंभाग क्रमांक-3, सहसपुर लोहारा के उप अभियंता जयप्रकाश और उप अभियंता कृष्ण कुमार साहू उपस्थित रहे। इसके अलावा क्षेत्र के जनपद सदस्य, ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच, अन्य जनप्रतिनिधि और स्थानीय कृषकों ने सहभागिता की।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कृषकों ने महात्मा गांधी के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर एवं पूजा-अर्चना के साथ किया। इसके बाद जल संवर्धन और जल संग्रहण को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जन-चौपाल के दौरान किसानों ने क्षेत्र में प्रगतिरत सुतियापाट विस्तारीकरण कार्य को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की। किसानों ने बताया कि नवीन नहर के निर्माण से ग्राम वीरेंद्र नगर और आसपास के क्षेत्र में स्थित तालाबों तक निस्तारी के लिए पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। इससे स्थानीय जल संसाधनों को मजबूती मिलने के साथ ग्रामीणों और कृषकों को भी लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई।
कृषकों ने सुतियापाट विस्तारीकरण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का आग्रह किया। किसानों का कहना था कि कार्य समय पर पूरा होने से सुतियापाट जलाशय का पानी समय पर क्षेत्र तक पहुंच सकेगा और आगामी ग्रीष्म ऋतु में भी पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
जन-चौपाल में वीरेंद्र नगर में जल संसाधन विभाग द्वारा पूर्व में निर्मित जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार को लेकर भी चर्चा हुई। विभागीय उप अभियंताओं ने किसानों से जल संरचनाओं के संबंध में उनके व्यावहारिक सुझाव प्राप्त किए। साथ ही जल संरचनाओं के संरक्षण, उपयोग और जीर्णोद्धार से संबंधित तकनीकी जानकारी भी साझा की गई।
क्षेत्र में भूजल संग्रहण और जल संवर्धन को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कृषकों ने सुतियापाट नहर से नई माइनर कैनाल का निर्माण कर उसे वीरेंद्र नगर व्यपवर्तन तक ले जाने का प्रस्ताव रखा। किसानों ने बताया कि इस व्यवस्था से क्षेत्र में जल संग्रहण को बढ़ावा मिल सकता है और भूजल स्तर के संरक्षण में भी सहायता मिलेगी।
विभागीय अधिकारियों ने किसानों की इस मांग को संज्ञान में लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही। जन-चौपाल के दौरान किसानों ने क्षेत्र की जल आवश्यकताओं से जुड़े अन्य सुझाव भी साझा किए।
जल जन सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, कृषकों और विभागीय अधिकारियों के बीच जल संरक्षण, जल संवर्धन और जल संग्रहण को लेकर सार्थक संवाद हुआ। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने जल संसाधनों के विकास और संरक्षण से जुड़े सुझाव रखे तथा उपलब्ध जल स्रोतों के बेहतर उपयोग और भविष्य के लिए जल सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखी।